सिरसा के किसानों की चांदी: गेहूं खरीद के लिए 42 अतिरिक्त केंद्र अलॉट, अब गांव के पास बिकेगी फसल
Mar 21, 2026 3:07 PM
सिरसा। सिरसा जिले के अन्नदाताओं के लिए इस बार फसल बेचना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान होने वाला है। एक अप्रैल से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर शुरू होने वाली गेहूं की सरकारी खरीद के लिए प्रशासन ने अपनी व्यूह रचना तैयार कर ली है। जिले की 68 स्थापित मंडियों के अतिरिक्त, सरकार ने 42 नए अस्थायी खरीद केंद्रों को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक पत्र के बाद अब इन केंद्रों पर तौल कांटों से लेकर बारदाने तक की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। मकसद साफ है—किसान को अपनी उपज लेकर मीलों दूर न भटकना पड़े और न ही मंडियों में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतारों में रातें गुजारनी पड़ें।
2.85 लाख हेक्टेयर का रकबा और आवक की चुनौती
सिरसा जिला अपनी गेहूं की बंपर पैदावार के लिए जाना जाता है। इस सीजन में करीब 2.85 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुवाई हुई है, जिसे देखते हुए अप्रैल के पहले सप्ताह में मंडियों में भारी आवक की संभावना जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने नई अनाज मंडी बाईपास रोड, विजय लक्ष्मी फैक्ट्री और सिद्धि विनायक कॉटन फैक्ट्री जैसे निजी व सार्वजनिक स्थानों को भी खरीद केंद्र के रूप में चयनित किया है ताकि भंडारण की समस्या आड़े न आए।
डबवाली से कालांवाली तक केंद्रों की सूची तैयार
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, डबवाली में एनजीएम हुडा रोड और पुरानी हरियाणा कॉटन फैक्ट्री जैसे 8 केंद्रों को मंजूरी मिली है। वहीं, सिरसा शहर के आसपास विजय लक्ष्मी फैक्ट्री और आरसीकेजे फूड के पीछे भी केंद्र बनाए गए हैं। ऐलनाबाद और कालांवाली में भी 'न्यू एडिशनल ग्रीन मार्केट' के नाम से अतिरिक्त केंद्र शुरू किए जा रहे हैं। अबूबशहर, रोड़ी और जीवन नगर जैसे इलाकों में राइस मिलों और इंडस्ट्रीज परिसर का उपयोग भी खरीद के लिए किया जाएगा।
अधिकारियों को अल्टीमेटम: सुविधाओं में न हो कोताही
मार्केटिंग बोर्ड और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इन 42 अतिरिक्त केंद्रों पर पेयजल, छाया और किसानों के बैठने की समुचित व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के तहत, 'मेरी फसल-मेरा ब्यौरा' पोर्टल के माध्यम से आने वाले किसानों को प्राथमिकता के आधार पर गेट पास दिए जाएंगे। प्रशासन का अनुमान है कि मौसम की अनुकूलता रही तो अप्रैल के शुरुआती चार-पांच दिनों के भीतर ही मंडियों में 'पीला सोना' (गेहूं) पहुंचना शुरू हो जाएगा।