Fastag Toll Fraud: घर के गैराज में खड़ी थी कार, यमुनानगर के मिल्क माजरा टोल पर कट गया फास्टैग
May 27, 2026 12:06 PM
सोनीपत। आजकल डिजिटल दौर में सहूलियत के लिए शुरू की गई फास्टैग तकनीक कैसे आम जनता के लिए सिरदर्द बन रही है, इसका एक अनोखा मामला गोहाना में देखने को मिला है। शहर के रहने वाले महेंद्र सिंह मलिक की कार पिछले एक महीने से घर के आंगन में खड़ी है। गाड़ी स्टार्ट तक नहीं हुई, लेकिन उनके मोबाइल पर अचानक मैसेज आता है कि उनकी कार ने कुरुक्षेत्र-यमुनानगर मार्ग पर स्थित मिल्क माजरा टोल प्लाजा को पार किया है। एक बार नहीं, बल्कि दो अलग-अलग दिनों में गाड़ी का टोल कटने से कार मालिक के होश उड़ गए।
सीसीटीवी फुटेज दे रहा गवाही, मोबाइल पर आए दो अलग-अलग मैसेज
महेंद्र सिंह मलिक के मुताबिक, उनकी कार पूरी तरह सुरक्षित घर पर खड़ी है और इस बात की गवाही उनके घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी दे रही है। इसके बावजूद सोमवार की शाम 6:38 बजे उनके फोन पर टोल कटने का पहला एसएमएस (SMS) आया। अभी वह इस उलझन को समझ ही रहे थे कि मंगलवार की सुबह 8:02 बजे ठीक वैसा ही दूसरा मैसेज आ गया। दोनों ही मैसेज यमुनानगर के मिल्क माजरा टोल के थे, जबकि गोहाना से यमुनानगर की दूरी करीब 120 किलोमीटर से भी ज्यादा है।
एनुअल पास की ट्रिप हुई कम, पुलिस महकमे में दी सूचना
पीड़ित मलिक ने बताया कि उन्होंने इस रूट का वार्षिक (एनुअल) टोल पास बनवाया हुआ है, जिसमें निश्चित ट्रिप मिलती हैं। सोमवार को आए पहले मैसेज में उनकी बची हुई ट्रिप की संख्या 88 दिखाई गई, जबकि मंगलवार सुबह आए दूसरे मैसेज में यह घटकर 87 रह गई। बिना सफर किए ही टोल ट्रिप कम होने से परेशान मलिक ने तुरंत नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल-फ्री नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही, उन्होंने स्थानीय पुलिस को भी लिखित में सूचित किया है।
क्लोन नंबर प्लेट या तकनीकी गड़बड़ी का खेल?
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद अब दो तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। पहली यह कि क्या टोल प्लाजा के ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रीडर (ANPR) सिस्टम में कोई तकनीकी खराबी आई है, जिसने किसी दूसरी गाड़ी के नंबर को गलत पढ़ लिया? या फिर मामला इससे कहीं ज्यादा गंभीर है कि यमुनानगर इलाके में कोई अपराधी या शातिर वाहन चालक महेंद्र सिंह की कार के नंबर की फर्जी (क्लोन) नंबर प्लेट लगाकर बेखौफ घूम रहा है। फिलहाल, पुलिस और एनएचएआई की तकनीकी टीम इस रहस्य से पर्दा उठाने में जुट गई है।