- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 10:22
सोनीपत: जिला नगर योजनाकार (डीटीपी), सोनीपत द्वारा गांव खरखौदा की राजस्व सीमा में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को फिर सख्त कार्रवाई की गई। जिला नगर योजनाकार, सोनीपत की इन्फोर्समेंट टीम द्वारा खरखौदा बाईपास पर आईटीआई. चौक के निकट लगभग 6 एकड़, सांपला–खरखौदा रोड पर प्रताप डेयरी के पास लगभग 4 एकड़ तथा सोनीपत–खरखौदा बाईपास पर लगभग 5.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों पर तोड़फोड़ की कार्रवाई अमल में लाई गई। जांच के दौरान पाया गया कि इन क्षेत्रों में एक निर्माणाधीन व्यावसायिक ढांचा, चार चारदीवारियां, नौ डीपीसी. तथा कच्चा सड़क नेटवर्क बनाकर अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी।
जिला प्रशासन के सहयोग से इन सभी अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया। उक्त अवैध कॉलोनियां प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा विकसित की जा रही थीं, जो अवैध रूप से कॉलोनी काटकर प्लॉट बेच रहे थे। विभाग द्वारा आम जनता को सचेत किया गया है कि ऐसे प्रॉपर्टी डीलरों के बहकावे में आकर किसी भी प्रकार की जमीन की खरीद-फरोख्त न करें। वर्तमान में विभाग द्वारा भू-माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि आमजन को यह संदेश दिया जा सके कि अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदना भविष्य में गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है। जिला नगर योजनाकार ने बताया कि विभाग द्वारा लगातार अभियान चलाकर शहरी क्षेत्र अधिनियम के तहत अवैध कॉलोनियों एवं निर्माणों को प्रारंभिक अवस्था में ही ध्वस्त किया जा रहा है।
यह कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट, नायब तहसीलदार, खरखौदा तथा पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे और अधिक सख्ती बरती जाएगी, ताकि अवैध कॉलोनी काटने और निर्माण करने वालों के मंसूबे सफल न हो सकें। सभी अवैध कॉलोनियों में आमजन को जागरूक करने हेतु चेतावनी बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं। उन्होंने लोगों से कहा कि भू-माफियाओं के झांसे में आकर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें और अपनी मेहनत की कमाई को बर्बाद होने से बचाएं, क्योंकि अवैध कॉलोनियों में सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं प्रदान नहीं की जातीं। किसी भी कॉलोनी या निर्माण कार्य से पहले नियमानुसार सरकारी अनुमति लेना अनिवार्य है। अवैध निर्माणों को अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत किसी भी समय गिराया जा सकता है।