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Sonipat News: सोनीपत में पोल्ट्री फार्म पर सीएम फ्लाइंग की बड़ी रेड, मुर्गियों की आड़ में छिपी मिली 400 पेटी अवैध शराब

Jun 16, 2026 1:43 PM

सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत में अवैध धंधों के खिलाफ मुख्यमंत्री उड़न दस्ते (सीएम फ्लाइंग) को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। टीम ने शुगर मिल के ठीक सामने स्थित मलिक पोल्ट्री फार्म पर औचक छापेमारी करते हुए भारी मात्रा में अवैध शराब का जखीरा बरामद किया है। मुर्गियों की आड़ में छिपाई गई इस खेप में करीब 400 पेटियां शराब मिली हैं, जो 8 अलग-अलग नामी ब्रांड्स की बताई जा रही हैं। इस बड़ी बरामदगी ने जिले के आबकारी विभाग (एक्साइज) और स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया है। इतनी भारी मात्रा में शराब का भंडारण शहर के बीचोबीच हो जाता है और कानून के रखवालों को इसकी भनक तक नहीं लगती, इसे लेकर अब चर्चाओं का बाजार गर्म है।

बिना होलोग्राम की बोतलें खोल रही हैं बड़े नेक्सस की पोल, करोड़ों की लगी चपत

सीएम फ्लाइंग की इस रेड में जो सबसे चौंकाने वाली बात सामने आई है, वह यह कि बरामद की गई किसी भी पेटी या बोतल पर आबकारी विभाग का आधिकारिक होलोग्राम मौजूद नहीं था। बिना होलोग्राम की शराब सीधे तौर पर इस बात की ओर इशारा करती है कि यह या तो किसी अवैध फैक्ट्री में तैयार की गई थी या फिर बिना टैक्स चुकाए इसे तस्करी के जरिए यहां डंप किया गया था। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर के ब्रांड्स की इस अवैध खेप की कीमत बाजार में करोड़ों रुपये है। इस कार्रवाई के बाद सीएम फ्लाइंग की तरफ से तुरंत आबकारी विभाग और सिविल लाइन थाना पुलिस को मौके पर तलब किया गया।

कब से सज रही थी मंडी और कौन है असली आका? पुलिस खंगाल रही कड़ियां

घटनास्थल पर पहुंचे आबकारी अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने पूरे पोल्ट्री फार्म को सील कर दिया है और माल को जब्त कर गिनती शुरू कर दी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर 400 पेटियों का यह गोदाम यहां कितने महीनों से चल रहा था? पोल्ट्री फार्म का मालिक इस काले कारोबार में खुद शामिल है या उसने यह जगह किसी और को किराए पर दे रखी थी? सिविल लाइन थाना पुलिस अब इस बात की कड़ाई से तफ्तीश कर रही है कि शराब की यह बड़ी खेप कहां से मैन्युफैक्चर होकर आई थी और इसे आने वाले समय में दिल्ली-एनसीआर के किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।

जिम्मेदार विभागों की 'चुप्पी' पर उठे सवाल, क्या स्थानीय स्तर पर मिली थी शह?

इस पूरे मामले ने सोनीपत पुलिस और आबकारी महकमे की चौकसी पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुख्य सड़क पर शुगर मिल के सामने दिन-रात गाड़ियाँ आती-जाती हैं, ऐसे में इतनी बड़ी तादाद में पेटियों को अनलोड करना बिना किसी मिलीभगत या घोर लापरवाही के मुमकिन नहीं है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जा रहा है। जांच के दायरे में पोल्ट्री फार्म के मालिक से लेकर उन तमाम संदिग्धों को रखा गया है जो पिछले कुछ समय से इस इलाके में सक्रिय थे। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस रैकेट के असली सरगना को सलाखों के पीछे धकेल दिया जाएगा।

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