सोनीपत साइबर पुलिस की बड़ी कामयाबी: बीमा रिफंड के नाम पर 35 लाख ठगने वाला यूपी का गिरोह गिरफ्तार
May 05, 2026 1:04 PM
सोनीपत। डिजिटल ट्रांजैक्शन के इस दौर में साइबर अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका ताजा उदाहरण सोनीपत में देखने को मिला है। यहाँ एक किसान की मेहनत की कमाई पर शातिर ठगों ने डाका डाल दिया। सैनीपुरा के रहने वाले किसान राजेश कुमार से बीमा पॉलिसी की मैच्योरिटी और रिफंड दिलाने के नाम पर करीब 35.28 लाख रुपये ठग लिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए सोनीपत साइबर थाना पुलिस ने जाल बिछाया और उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में छापेमारी कर अंतरराज्यीय गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
किस्तों में लूट: 89 बार पैसे मंगवाकर किसान को किया कंगाल
ठगी का यह खेल किसी पेशेवर फिल्म की पटकथा जैसा था। साइबर थाना प्रभारी बसंत के मुताबिक, पीड़ित राजेश के पास एक पुरानी बीमा पॉलिसी थी। ठगों ने फर्जी नंबरों से कॉल कर खुद को बीमा कंपनी का बड़ा अधिकारी बताया। उन्होंने पीड़ित को झांसा दिया कि उनकी पॉलिसी की भारी-भरकम राशि अटकी हुई है, जिसे वे निकलवा सकते हैं। इसके बाद शुरू हुआ 'प्रोसेसिंग फीस' और 'टैक्स' के नाम पर वसूली का सिलसिला। ठगों ने किसान को इस कदर बरगलाया कि उन्होंने गूगल-पे और फोन-पे के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 89 बार पैसे जमा किए। हर बार छोटी-छोटी किस्तों (10 से 75 हजार) में पैसे मांगे गए, ताकि शिकार को शक न हो।
यूपी के चंदौली से दबोचे गए शातिर, फर्जी खातों का खुला राज
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी के लिए इस्तेमाल किए गए बैंक खाते फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए थे। तकनीकी सुरागों का पीछा करते हुए साइबर पुलिस की टीम यूपी के चंदौली जिले के गांव गुरे और सोनहुल पहुंची। यहाँ से पुलिस ने ओमप्रकाश उर्फ गुड्डू और नागेंद्र को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से 71 हजार रुपये बैंक खातों में होल्ड करवा दिए हैं, जबकि बाकी मोटी रकम को आरोपियों ने संभवतः ठिकाने लगा दिया है।
लालच पड़ सकता है भारी, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
गिरोह के हत्थे चढ़ने के बाद अब पुलिस इनके अन्य साथियों और ठगी के नेटवर्किंग मॉडल को समझने में जुटी है। थाना प्रभारी ने जनता को आगाह करते हुए कहा है कि अज्ञात नंबरों से आने वाली कॉल, जिसमें बीमा रिफंड, लॉटरी या भारी मुनाफे का दावा किया गया हो, वह पूरी तरह फर्जी हो सकती है। किसी भी सूरत में अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते से पैसे ट्रांसफर न करें और न ही कोई ओटीपी (OTP) साझा करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें ताकि समय रहते ट्रांजैक्शन को रोका जा सके।