Sonipat Factory Fire: सोनीपत इंडस्ट्रियल एरिया में बड़ा हादसा: पेंट फैक्ट्री में केमिकल ब्लास्ट
May 29, 2026 10:15 AM
सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत जिले से इस वक्त की बड़ी और दर्दनाक खबर सामने आ रही है। कालूपुर औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार सुबह उस समय चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई, जब एक चालू पेंट फैक्ट्री के भीतर से आग की गगनचुंबी लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते काले धुएं के गुबार ने पूरे आसमान को ढक लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि उसने फैक्ट्री की दीवार के साथ सटे एक विशाल बांस-बल्ली के गोदाम को भी अपनी गिरफ्त में ले लिया। सुबह-सुबह ड्यूटी पर पहुंचे श्रमिकों ने जब इस भयानक मंजर को देखा, तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम और दमकल विभाग को दी।
शॉर्ट सर्किट के बाद केमिकल ड्रमों में हुए जोरदार धमाके
औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट नंबर-150 गज में संचालित होने वाली 'अरोमा पेंट फैक्ट्री' के मालिक मॉडल टाउन निवासी राजीव सेठ हैं। शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट रही। चूंकि यह एक पेंट बनाने वाली इकाई थी, इसलिए फैक्ट्री के भीतर भारी मात्रा में थिनर, स्प्रिट और अन्य ज्वलनशील केमिकल रखे हुए थे। आग लगते ही इन केमिकल के ड्रमों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाके (ब्लास्ट) हुए, जिसने आग में घी का काम किया। धमाकों की गूंज से पूरा इलाका दहल उठा और आग पर काबू पाना शुरुआती मिनटों में नामुमकिन सा हो गया।
पड़ोसी दवा फैक्ट्री ने बढ़ाया मदद का हाथ, आधा दर्जन गाड़ियां जुटीं
हादसे की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीमें, सिटी थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से मोर्चा संभाला, लेकिन केमिकल की आग होने के कारण लपटें शांत होने का नाम नहीं ले रही थीं। इस संकट के बीच इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए पास में ही स्थित एक दवा निर्माता फैक्ट्री के प्रबंधन ने अपने निजी पानी के टैंकर्स और फायर सेफ्टी संसाधनों को खोल दिया। इस संयुक्त प्रयास के बाद ही दमकल विभाग आग को और आगे फैलने से रोकने में कामयाब हो पाया।
पेंट की लपटों ने अनमोल जैन के बांस गोदाम को किया राख
इस अग्निकांड का सबसे बड़ा खामियाजा पड़ोस में कारोबार करने वाले सेक्टर-15 निवासी अनमोल जैन को भुगतना पड़ा है। अनमोल यहां कंस्ट्रक्शन और सीढ़ियों के काम में आने वाले बांस-बल्ली का बड़ा कारोबार करते हैं। उन्होंने अपने गोदाम का माल पेंट फैक्ट्री की दीवार के सहारे सटाकर रखा हुआ था। पेंट फैक्ट्री से निकलीं चिंगारियों ने सूखी लकड़ियों और बांसों को तुरंत पकड़ लिया। इस वजह से आग दोनों तरफ बराबर फैल गई और करोड़ों रुपये का तैयार माल और कच्चा सामान जलकर कोयला हो गया।
कोई मजदूर अंदर नहीं था, चल रही है नुकसान के आकलन की जांच
राजीव सेठ की इस फैक्ट्री में वैसे तो रोजाना 15 से 20 मजदूर काम करते हैं, लेकिन गनीमत यह रही कि हादसा सुबह के वक्त हुआ जब काम शुरू नहीं हुआ था। केवल नाइट गार्ड मौके पर था जिसने भागकर अपनी जान बचाई। सिटी थाना पुलिस और फायर सेफ्टी विभाग की टीमें अब संयुक्त रूप से इस हादसे के कारणों की बारीकी से जांच कर रही हैं। कंक्रीट के ढांचे को कितना नुकसान पहुंचा है और कुल कितने लाख या करोड़ की संपत्ति स्वाहा हुई है, इसका अंतिम सर्वे रिपोर्ट आने के बाद ही खुलासा हो सकेगा।