HTET Exam Postponed: हरियाणा HTET परीक्षा स्थगित, 13-14 जून को नहीं होगा पेपर
May 29, 2026 4:52 PM
हरियाणा। हरियाणा में नौकरियों और परीक्षाओं को लेकर चल रहा ऊहापोह थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला शिक्षा विभाग के सबसे प्रतिष्ठित इम्तिहान 'एचटेट' (HTET) से जुड़ा है। महज चार दिन पहले, 25 मई को बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बड़े तामझाम के साथ परीक्षा शेड्यूल जारी किया था। लेकिन इसके तुरंत बाद सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए शर्मा को पद से हटा दिया और कमान शंकर धुप्पड़ को सौंप दी। 26 मई को कुर्सी संभालते ही नए चेयरमैन ने तीसरा दिन पूरा होने से पहले ही पुरानी घोषणा को पलटते हुए परीक्षा टालने का फरमान सुना दिया।
नई तारीखों पर चुप्पी, 'भास्कर' से बातचीत में बोले चेयरमैन— 'अभी बाहर जा रहा हूं'
इस अचानक हुए फैसले ने भिवानी बोर्ड से लेकर प्रदेश के युवाओं तक खलबली मचा दी है। जब इस संबंध में बोर्ड चेयरमैन शंकर धुप्पड़ से संपर्क किया गया, तो उन्होंने परीक्षा पोस्टपोन होने की पुष्टि जरूर की, मगर कारणों पर पर्दा डाल दिया। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि वे अभी किसी काम से बाहर जा रहे हैं और नई तारीखों का निर्धारण बाद में किया जाएगा। चेयरमैन की इस संक्षिप्त प्रतिक्रिया ने अभ्यर्थियों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि परीक्षा के लिए अब दो हफ्ते से भी कम का समय बचा था और लोग रिवीज़न में जुटे थे।
2.45 लाख अभ्यर्थियों का गणित बिगड़ा; लेवल 1, 2 और 3 के लिए हुआ था आवेदन
बोर्ड के इस फैसले से उन 2.45 लाख युवाओं के सामने मानसिक तनाव की स्थिति बन गई है, जो पिछले कई महीनों से किताबों में सिर खपा रहे थे। गौरतलब है कि इस परीक्षा के लिए दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच फॉर्म भरवाए गए थे।
लेवल-1: प्राथमिक शिक्षक (कक्षा 1 से 5) बनने के ख्वाहिशमंद युवा।
लेवल-2: टीजीटी (कक्षा 6 से 8) के लिए दावेदार।
लेवल-3: पीजीटी (प्रवक्ता) पद के योग्य अभ्यर्थी।
तारीखें आगे बढ़ने से अब इन सभी श्रेणियों के आवेदकों का पूरा शेड्यूल और कोचिंग का गणित गड़बड़ा गया है।
कड़े नियम और जनगणना ड्यूटी की छूट; क्या अब बदलेगा पूरा प्लान?
इससे पहले डॉ. पवन शर्मा ने परीक्षा को फुलप्रूफ बनाने के लिए एक सख्त और पारदर्शी खाका खींचा था। उन्होंने एलान किया था कि परीक्षा में नकल और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अगर किसी ने ओएमआर (OMR) शीट में 20 से ज्यादा गोले खाली छोड़े, तो उसकी पात्रता तुरंत निरस्त कर दी जाएगी। इसके अलावा, शिक्षकों को राहत देते हुए जनगणना (Census) ड्यूटी में लगे अध्यापकों को परीक्षा ड्यूटी से छूट दी गई थी। परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक हाजिरी और डेढ़ घंटे पहले पहुंचने की पाबंदी लगाई गई थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या नए चेयरमैन इन नियमों को बरकरार रखेंगे या नए सिरे से कोई अलग गाइडलाइन जारी की जाएगी।