प्रधानमंत्री ने असम में चाय बागान का दौरा किया, वहां काम करने वाली महिलाओं से बात की
Apr 01, 2026 12:42 PM
गुवाहाटी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को असम के डिब्रूगढ़ जिले में स्थित मनोहारी टी इस्टेट का दौरा किया, जहां उन्होंने चाय बागान में काम कर रही महिला श्रमिकों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। यह दौरा उनके एक दिवसीय असम प्रवास का हिस्सा है, जिसमें वह भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में दो चुनावी रैलियों को भी संबोधित कर रहे हैं। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री को महिलाओं के साथ चाय की पत्तियां तोड़ते हुए भी देखा गया, जिससे स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला।
चाय बागान में महिलाओं से संवाद
मनोहारी टी इस्टेट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला श्रमिकों के साथ समय बिताया और उनके कामकाज के बारे में जानकारी ली। उन्होंने चाय की पत्तियां तोड़ने की प्रक्रिया को करीब से देखा और खुद भी इस गतिविधि में हिस्सा लिया। इस दौरान महिलाओं ने अपनी पारंपरिक संस्कृति और जीवनशैली के बारे में प्रधानमंत्री को बताया, जिससे यह मुलाकात और भी खास बन गई।
चाय जनजाति के योगदान की सराहना
दौरे के बाद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि देश को हर चाय जनजाति परिवार के प्रयासों पर गर्व है और उनकी मेहनत ने असम की पहचान को मजबूत किया है। नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि चाय उद्योग में काम करने वाले लोगों की मेहनत देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देती है।
सेल्फी और सांस्कृतिक बातचीत
प्रधानमंत्री ने अपने एक अन्य पोस्ट में बताया कि चाय की पत्तियां तोड़ने के बाद महिलाओं ने उनसे अपनी संस्कृति के बारे में चर्चा की और अंत में एक साथ सेल्फी भी ली। इस दौरान का माहौल बेहद सहज और उत्साहपूर्ण रहा। प्रधानमंत्री ने इस दौरे की तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें चाय बागान की झलकियां दिखाई गईं।
चुनावी कार्यक्रम से जुड़ा दौरा
यह दौरा केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके साथ प्रधानमंत्री का चुनावी कार्यक्रम भी जुड़ा हुआ है। असम में भाजपा उम्मीदवारों के समर्थन में आयोजित रैलियों को संबोधित करने के लिए वह राज्य के दौरे पर हैं। डिब्रूगढ़ जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में उनका यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर दिखा उत्साह
प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर डिब्रूगढ़ और आसपास के इलाकों में लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। चाय बागान में काम करने वाले श्रमिकों ने इसे अपने लिए सम्मान की बात बताया। इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके।