Search

यमुनानगर पुलिस का कड़ा रूप: पैर में प्लास्टर के बावजूद 42 डिग्री धूप में सड़क पर घिसटा पूर्व सरपंच पर गोली चलाने वाला शूटर

May 20, 2026 3:48 PM

यमुनानगर।  यमुनानगर के भूरे का माजरा गांव में पूर्व सरपंच के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में कानून का शिकंजा अब आरोपियों पर बेहद कड़ाई से कसने लगा है। पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगने के बाद अस्पताल में उपचाराधीन शूटर अमन को डिस्चार्ज होते ही बुधवार को रादौर के फरीदपुर मोड़ पर लाया गया। दोपहर के वक्त जब आसमान से आग बरस रही थी और पारा 42 को छू रहा था, तब पुलिस टीम ने तपने वाली सड़क पर प्लास्टर चढ़ी टांग वाले इस शातिर बदमाश से करीब 35 घिस्सियां लगवाईं। लगभग 15 मीटर के इस ऊबड़-खाबड़ सफर को घुटनों और हाथों के बल तय करते हुए आरोपी ने उस खौफनाक रात की पूरी स्क्रिप्ट पुलिस के सामने उगली।

सोशल मीडिया पर बुना गया जाल, महज 60 हजार में ली सुपारी

सीआईए-2 की कस्टडी में चल रहे आरोपी अमन ने जो खुलासे किए हैं, उसने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। पानीपत के गांव गोयल खुर्द का रहने वाला अमन कोई पेशेवर अपराधी नहीं था, बल्कि उसे सोशल मीडिया के जरिए अपराध के दलदल में धकेला गया। जांच में सामने आया कि कुख्यात नोनी राणा गैंग के गुर्गों ने इंस्टाग्राम के जरिए अमन से संपर्क साधा था। महज 60 हजार रुपये का लालच देकर उसे एक पूर्व सरपंच के घर पर गोलियां बरसाने का टास्क सौंपा गया। इस रकम के चक्कर में अमन ने अपने ही गांव के दो और दोस्तों को इस खूनी खेल का हिस्सा बना लिया।

जब आमने-सामने हुई पुलिस और बदमाश, दनादन चलीं गोलियां

इस मामले की पृष्ठभूमि भी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है। बीती 25-26 अप्रैल की रात को बदमाशों ने भूरे का माजरा गांव में पूर्व सरपंच ऋषिपाल के सूने मकान पर करीब 17 राउंड फायर किए थे। वारदात सीसीटीवी में कैद होने के बाद सीआईए-2 की टीम लगातार इन शूटरों को ट्रैक कर रही थी। 5 मई को जब पुलिस ने कुलपुर गांव के पास पल्सर बाइक पर सवार अमन को घेरने की कोशिश की, तो उसने रुकने के बजाय पुलिस पर ही पिस्टल तान दी। दोनों ओर से करीब 15 राउंड गोलियां चलीं। एक गोली सब-इंस्पेक्टर (SI) रोहन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगी, जिससे उनकी जान बची। वहीं पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक गोली अमन के बाएं पैर को चीरती हुई निकल गई थी।

रंजिश, रंगदारी या गैंगवार? जांच के दायरे में कई सफेदपोश

डीएसपी रजत गुलिया और सीआईए-2 के प्रभारी राकेश कुमार की अगुवाई में चल रही इस तफ्तीश के तार अब कई दिशाओं में घूम रहे हैं। दिलचस्प मोड़ यह है कि जिस पूर्व सरपंच ऋषिपाल के घर पर यह फायरिंग हुई, वह खुद करोड़ों रुपये की ठगी के एक मामले में फरार चल रहा है। ऐसे में पुलिस इसे सिर्फ एकतरफा हमला नहीं मान रही, बल्कि इसके पीछे गैंगवार, उगाही (रंगदारी) और पैसों के लेनदेन का बड़ा त्रिकोण नजर आ रहा है। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जिन्होंने इन युवाओं को हथियार मुहैया कराए, रेकी में मदद की और मोटी रकम की फंडिंग की। फिलहाल इस वारदात में शामिल अमन के दो अन्य साथी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!