यमुनानगर में हिट एंड रन: सरावा नाका के पास अज्ञात वाहन ने बुजुर्ग को कुचला, मौके पर ही दर्दनाक मौत
May 20, 2026 4:05 PM
यमुनानगर। यमुनानगर के सढौरा इलाके में रफ्तार का जानलेवा खेल एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार पर भारी पड़ गया। सरावा नाका के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में एक बुजुर्ग को अपनी जान गंवानी पड़ी। दुर्घटना के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से भागने में कामयाब रहा। हादसे की सूचना मिलते ही मृतक के घर में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने इस संबंध में 'हिट एंड रन' का मामला दर्ज कर फरार चालक की तलाश के लिए जाल बिछा दिया है।
पैदल घर लौट रहे थे रामचंद्र, पीछे से आई मौत
मिली जानकारी के अनुसार, गांव अराईयावाला के रहने वाले रामचंद्र सोमवार शाम को किसी काम से बाहर गए थे। वे सरावा नाका के पास सड़क के किनारे-किनारे पैदल ही अपने गांव की तरफ लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। चश्मदीदों के मुताबिक, टक्कर लगते ही रामचंद्र हवा में उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे। वाहन की रफ्तार इतनी तेज थी कि बुजुर्ग को संभलने तक का मौका नहीं मिला। उनके चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्से में आई गंभीर चोटों के कारण अत्यधिक खून बह गया, जिससे कुछ ही पलों में उनकी सांसें थम गईं।
चाचा के एक फोन से बेटे के पैरों तले खिसकी जमीन
मृतक के बेटे प्रदीप कुमार ने बताया कि वह एक स्थानीय प्लाईवुड फैक्टरी में मजदूरी करता है और रोज की तरह सोमवार को भी काम पर गया था। शाम के वक्त अचानक उसके चाचा जसबीर का फोन आया, जिसने प्रदीप को बताया कि सरावा नाका के पास उसके पिता रामचंद्र का एक्सीडेंट हो गया है। बदहवास हालत में प्रदीप जब तक मौके पर पहुंचा, तब तक उसके पिता का शव सड़क पर लहूलुहान हालत में पड़ा था और वहां राहगीरों की भीड़ जमा थी।
सढौरा पुलिस ने शुरू की तफ्तीश, सीसीटीवी पर टिकी उम्मीद
हादसे की जानकारी मिलते ही डायल 112 और सढौरा थाना पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल जगाधरी भिजवाया। सढौरा थाना प्रभारी के मुताबिक, प्रदीप की लिखित शिकायत के आधार पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और जान लेने की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब सरावा नाका और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है, ताकि दुर्घटना के समय वहां से गुजरे संदिग्ध वाहनों का नंबर ट्रेस कर आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।