Panipat News: पानीपत के सींक गांव में कार रोककर युवक पर जानलेवा हमला, दबोची गई महिला, 3 भाई फरार
Jun 04, 2026 1:26 PM
पानीपत। पानीपत के मतलौडा इलाके से ग्रामीण रंजिश और दबंगई की एक बेहद खौफनाक तस्वीर सामने आई है। सींक गांव के रहने वाले सुमित नामक युवक के साथ बीते 8 अप्रैल को जो कुछ हुआ, उसने गांव की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुमित उस दिन अपनी गाड़ी से सामान्य रूप से गांव की गली से होते हुए घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में पहले से ही घात लगाकर बैठे गांव के ही तीन सगे भाइयों और एक महिला ने सुनियोजित तरीके से उसकी कार के आगे लकड़ी की बुग्गी अड़ा दी। रास्ता रुकते ही आरोपियों ने सुमित को घेर लिया और गालियों की बौछार करते हुए उसे गाड़ी से नीचे खींचने की कोशिश करने लगे।
शीशे के अंदर से बरसाए पत्थर, पीड़ित ने खुद बनाया वीडियो
जान बचाने के लिए सुमित ने जैसे ही कार के दरवाजे अंदर से लॉक किए, आरोपियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। पीड़ित के मुताबिक, नामजद आरोपी महिला ने कार की खिड़की के खुले हुए हिस्से से हाथ अंदर डालकर सुमित के सिर और छाती पर भारी पत्थरों से सीधा प्रहार करना शुरू कर दिया। वहीं बाहर खड़े तीनों भाई लाठियों से गाड़ी के परखच्चे उड़ाते रहे। इस जानलेवा हमले के बीच सुमित ने हिम्मत नहीं हारी और लहूलुहान होने के बावजूद अपने मोबाइल से पूरी वारदात का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने के कारण सुमित को कई दिनों तक अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत की जंग लड़नी पड़ी।
एफआईआर दर्ज, लेकिन मुख्य आरोपी भाइयों को किसका संरक्षण?
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद सुमित ने इस खौफनाक मंजर का वीडियो और अपनी मेडिकल रिपोर्ट मतलौडा थाना पुलिस के हवाले की। पुलिस ने सुमित की शिकायत पर चारों नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस तो दर्ज कर लिया और तत्परता दिखाते हुए आरोपी तेजबीर की पत्नी को गिरफ्तार भी कर लिया। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि वारदात के मुख्य सूत्रधार तीनों सगे भाई—कर्ण सिंह, तेजबीर और राजबीर—घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर क्यों हैं?
न्याय के लिए दफ्तरों की खाक छान रहा है पीड़ित परिवार
एक तरफ जहां मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ गंभीर रूप से चोटिल सुमित इंसाफ की गुहार लेकर पानीपत के आला अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। पीड़ित सुमित का सीधा आरोप है कि आरोपियों के रसूख और स्थानीय प्रभाव के चलते मतलौडा थाना पुलिस मामले में ढिलाई बरत रही है। गिरफ्तारी से बच रहे तीनों भाई अब पीड़ित परिवार को केस वापस लेने के लिए डरा-धमका रहे हैं। सुमित ने अब पानीपत के पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलकर गुहार लगाई है कि मुख्य आरोपियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए, ताकि उसके परिवार को सुरक्षा मिल सके।