Captain Bharat Proposal: कैप्टन का फिल्मी प्रपोजल देख भड़के लोग, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
Jun 04, 2026 1:44 PM
महाराष्ट्र के नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल से पास आउट होकर भारतीय सेना में पायलट बने कैप्टन भरत भारद्वाज के लिए बुधवार का दिन दोहरी खुशियां लेकर आया था, लेकिन अब यही खुशियां उनकी मुसीबत बन सकती हैं। पासिंग आउट परेड खत्म होते ही वर्दी पहने कैप्टन भरत रनवे पर खड़े सेना के एक हेलिकॉप्टर के सामने पहुँचे। उन्होंने वहां मौजूद अपनी पांच साल पुरानी गर्लफ्रेंड आरुषि को पूरी तरह सरप्राइज देते हुए सबके सामने घुटनों के बल बैठकर शादी के लिए प्रपोज कर दिया। आरुषि ने भी मुस्कुराते हुए इस प्रपोजल को स्वीकार कर लिया और कैप्टन को गले लगा लिया। शुरुआत में इस बेहद भावुक और प्यारे पल का वीडियो इंटरनेट पर आते ही लोगों ने नवविवाहित जोड़े को बधाइयां देना शुरू कर दिया।
रील्स बनाम अनुशासन: सोशल मीडिया पर छिड़ गया 'वॉर'
जैसे-जैसे यह वीडियो इंस्टाग्राम और एक्स (पहले ट्विटर) पर ट्रेंड करने लगा, वैसे-वैसे इस पर मिलने वाली तारीफें तीखी आलोचना में बदलने लगीं। देखते ही देखते इंटरनेट यूजर्स दो धड़ों में बंट गए। रक्षा विशेषज्ञों और कई पूर्व सैन्य अधिकारियों समेत आम नेटिजन्स ने सेना के कड़े और अनुशासित माहौल में इस तरह के प्रदर्शन पर गंभीर आपत्ति जताई। लोगों का कहना था कि पासिंग आउट परेड एक अत्यंत औपचारिक और गरिमामयी समारोह होता है, इसे किसी निजी रील या सोशल मीडिया हाइप का जरिया नहीं बनाया जाना चाहिए।
"टैक्सपेयर्स का पैसा रील्स के लिए नहीं, वे अफसर हैं एक्टर नहीं"
आलोचना करने वाले यूजर्स ने सीधे तौर पर सेना के प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों का हवाला दिया। सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि सेना के ये हेलिकॉप्टर और रनवे कोई फिल्म की शूटिंग के सेट नहीं हैं। इनका पूरा रखरखाव देश के ईमानदार टैक्सपेयर्स के पैसे से होता है। कुछ पूर्व सैनिकों ने टिप्पणी की कि संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठान 'नो फोटो जोन' के अंतर्गत आते हैं। अफसरों को गरिमा बनाए रखनी चाहिए; वे देश के रक्षक और 'सज्जन अधिकारी' हैं, कोई बॉलीवुड एक्टर नहीं जो कैमरों के सामने इस तरह की ड्रामेबाजी करें।
सेना के रडार पर आए कैप्टन, मांगा जा सकता है जवाब
इस पूरे मामले में अब कैप्टन भरत भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोशल मीडिया पर मचे इस भारी बवाल और तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद भारतीय सेना के आला अधिकारियों ने इस घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लिया है। सेना के सख्त अनुशासन और तयशुदा नियमों के उल्लंघन को देखते हुए मुख्यालय जल्द ही नवनियुक्त पायलट कैप्टन भरत से इस मामले में लिखित स्पष्टीकरण (शो-कॉज नोटिस) मांग सकता है।
"दिन को यादगार बनाना चाहता था"
दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) से बात करते हुए कैप्टन भरत भारद्वाज ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वह और आरुषि पिछले 5 सालों से एक-दूसरे को जानते हैं और हर अच्छे-बुरे वक्त में साथ रहे हैं। चूंकि पासिंग आउट परेड उनके जीवन का सबसे बड़ा और गौरवशाली दिन था, इसलिए वह अपनी इस निजी उपलब्धि और जीवन के नए सफर को हमेशा-कमेसा के लिए यादगार बनाना चाहते थे। हालांकि, उनकी यह दलील सेना के कड़े अनुशासन के तराजू पर कितनी सही बैठती है, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा।