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चंडीगढ़ की सड़कों पर कल से दौड़ेंगी 25 नई ई-बसें, पीएम मोदी वर्चुअली दिखाएंगे हरी झंडी

Feb 13, 2026 4:49 AM

चंडीगढ़: पीएम ई-बस सेवा के तहत पिछले माह शहर पहुंच चुकीं 25 इलेक्ट्रिक बसें शनिवार से सड़कों पर दौड़ेंगी। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी से इन बसों को वर्चुअली हरी झंडी दिखाएंगे। मिनिस्ट्री ऑफ़ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स द्वारा शुरू की गई पीएम ई-बस सेवा स्कीम के तहत गुवाहाटी भारत का पहला शहर बन गया है, जिसने 100 लेटेस्ट इलेक्ट्रिक बसें खरीदी हैं। प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को असम के एक दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी जाएंगे और वहीं से 100 ई-बसों को झंडी दिखाएंगे। इसके अलावा नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ में खरीदी गई बसों को भी वे वर्चुअली हरी झंडी दिखाएंगे। स्कीम के तहत गुवाहाटी ने 100, नागपुर ने 50, भावनगर ने 30 और चंडीगढ़ ने 25 इलेक्ट्रिक बसें खरीदी हैं। इन बसों के परिचालन से सार्वजनिक परिवहन को और अधिक पर्यावरण-अनुकूल और आधुनिक बनाया जाएगा।


पीएम ई-बस सेवा के तहत 25 इलेक्ट्रिक बसों के चंडीगढ़ पहुंचने के बाद प्रशासन ने इन बसों को पिछले महीने तय रूट पर चलाने का कार्यक्रम तय कर दिया था और यूटी के प्रशासक व पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करना था। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को भी वर्चुअली जुड़ना था, जिसकी कन्फर्मेशन भी मिल गई थी। लेकिन, पीएम ई-बस सेवा की शुरुआत केंद्र सरकार के स्तर पर होनी है, जिसके चलते प्रशासन को कार्यक्रम टालना पड़ा था।


प्रशासन के परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत चंडीगढ़ के लिए अतिरिक्त 328 नई इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी दी गई है। चंडीगढ़ को मिलने वाली 100 इलेक्ट्रिक बसों में से ये पहली फ्लीट में 25 बसें की है। प्रशासन के अनुसार इस साल अप्रैल तक सभी 100 नई ई-बसें शहर में आ जाएंगी। फरवरी अंत तक 25 और मार्च-अप्रैल तक शेष 50 बसें उपलब्ध होने की उम्मीद है। यह बसें लोकल रूट्स पर चलेंगी। पिछले साल 18 नवंबर से प्रशासन ने 15 साल का कार्यकाल पूरा होने के कारण 85 डीजल बसों को ट्राईसिटी की सड़कों से हटाया था, जिसके बाद शहर में बसों की कमी हो गई है। लॉन्ग रूट से बसों को हटाकर इस समय लोकल रूट पर लगा दिया गया है। ई बसें आने के बाद जो बसें इस समय लोकल रूट्स पर लगाई गई हैं, उन्हें फिर से लॉन्ग रूट्स पर लगा दिया जाएगा। लॉन्ग रूट की 220 बसों में से 65 बसें फिलहाल सिटी रूट पर लगाई गई हैं।


वर्तमान में 80 इलेक्ट्रिक बसें ट्राइसिटी की सड़कों पर दौड़ रही हैं। नई इलेक्ट्रिक बसें आने से जहां शहर कार्बन मुक्त होगा वहीं शहर की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पहले के मुकाबले दुरस्त होगी । ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से ही बसें मंगवाई जा रही हैं। डीजल बसों को हटाने के बावजूद भी शहर में ज्यादा दिक्कत नहीं आई है। जैसे-जैसे ही बसें आनी शुरू हो जाएंगी फिर से लोकल रूटों पर बसों की संख्या बढ़ जाएगी। प्रशासन ने 15 साल का कार्यकाल पूरा होने के कारण 85 डीजल बसों को ट्राईसिटी की लोकल सड़कों से हटाया है।

 


हाईटेक और दिव्यांग-फ्रेंडली होंगी नई ई-बसें

चंडीगढ़ में शुरू हो रही नई इलेक्ट्रिक बसें आधुनिक तकनीक से लैस हैं। इन्हें खास तौर पर दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया गया है। बस में बटन दबाते ही दरवाजे से रैंप बाहर आ जाएगा, जिससे व्हीलचेयर पर बैठे यात्री आसानी से चढ़-उतर सकेंगे। सीनियर सिटीज़न, महिलाओं और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस की फ्लोर हाइट 400 मिमी रखी गई है, जिससे चढ़ना-उतरना आसान होगा। ये लो-फ्लोर एसी बसें 15 मीटर लंबी हैं और एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 224 किलोमीटर तक चल सकती हैं। बस में ड्राइवर और व्हीलचेयर स्पेस के अलावा 36 यात्रियों के बैठने और करीब 20 यात्रियों के खड़े होने की व्यवस्था है। यात्रियों को अपने स्टॉप से पहले बस रुकवाने के लिए आवाज लगाने या सीटी बजाने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वे बटन दबाकर संकेत दे सकेंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए बस के आगे, पीछे और साइड में सूचना डिस्प्ले स्क्रीन लगाई गई हैं, जिन पर रूट और अगले स्टॉप की जानकारी दिखाई जाएगी।



हर 10 मिनट में बस सेवा की तैयारी, शहर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट होगा मजबूत 

शहर का सार्वजनिक परिवहन तंत्र जल्द ही और मजबूत होने वाला है। प्रशासन की योजना है कि शहर के हर प्रमुख रूट पर यात्रियों को लगभग हर 10 मिनट में बस सेवा उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोगों को निजी वाहनों पर कम निर्भर रहना पड़े। फिलहाल एक रूट पर दो बसों के बीच का अंतर पांच मिनट से लेकर तीस मिनट तक है। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जब तक मेट्रो परियोजना पर कोई ठोस निर्णय नहीं हो जाता, तब तक ट्रैफिक और जाम की समस्या से निपटने के लिए सशक्त और बेहतर बस सेवा ही सबसे व्यावहारिक समाधान है। इसी दिशा में प्रशासन नए बस रूट शुरू करने की तैयारी कर रहा है, वहीं जो रूट किसी कारण से बंद पड़े हैं, उन्हें भी दोबारा शुरू किया जाएगा। इससे शहरवासियों को अधिक सुविधाजनक, सस्ती और नियमित परिवहन सेवा मिल सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक चंडीगढ़ में बस सेवाओं की स्थिति को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल बसों के मिलने की आवृत्ति पांच से तीस मिनट तक है। इसे कम कर दस मिनट करने का लक्ष्य है।

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