गन्नौर में खूनी खेल: फोन चार्जिंग पर हुआ झगड़ा और ले ली पड़ोसी की जान, पांची जाटान में मातम
Apr 07, 2026 4:31 PM
गन्नौर। क्या किसी की जान की कीमत एक मोबाइल फोन चार्ज करने जितनी सस्ती हो सकती है? सोनीपत के गन्नौर स्थित पांची जाटान गांव से आई एक खबर ने इस सवाल को कड़वी हकीकत में बदल दिया है। यहां महज एक मोबाइल फोन वापस मांगने और चार्जिंग को लेकर हुई कहासुनी इस कदर बढ़ी कि पड़ोसियों ने मिलकर एक युवक को मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान 32 वर्षीय कमलजीत के रूप में हुई है। इस वारदात ने न केवल एक वृद्ध पिता का सहारा छीन लिया है, बल्कि पूरे इलाके में दहशत और हड़कंप का माहौल पैदा कर दिया है।
24 मार्च की वो काली रात: फोन लेने गया था कमलजीत
मृतक के पिता जयपाल ने पुलिस को दिए बयान में उस खौफनाक मंजर की दास्तां बयां की है। उन्होंने बताया कि 24 मार्च की शाम कमलजीत पड़ोस में रहने वाले रामदास के घर अपना मोबाइल फोन लेने गया था, जिसे उसने वहां चार्जिंग पर लगाया हुआ था। आरोप है कि रामदास और उसके परिजनों ने फोन देने से मना कर दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना गहरा गया कि रामदास, उसका भाई भगवान दास और सोनू तैश में आ गए और कमलजीत पर लाठी-डंडों व कस्सी के बिंडों से हमला बोल दिया।
पिता की आंखों के सामने ढाया गया जुल्म
जयपाल ने बताया कि जब काफी देर तक बेटा घर नहीं लौटा, तो वह उसे तलाशते हुए रामदास के घर की ओर बढ़े। वहां पहुंचते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; तीनों आरोपी उनके बेटे को बेरहमी से पीट रहे थे। पिता को देखते ही तीनों हमलावर मौके से फरार हो गए। लहूलुहान हालत में कमलजीत को पहले गन्नौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उसे खानपुर के बीपीएस मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। सोमवार को उपचार के दौरान कमलजीत की सांसें थम गईं।
पुलिस की छापेमारी जारी, आरोपी अब भी गिरफ्त से बाहर
वारदात के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और तनाव को देखते हुए पुलिस मुस्तैद है। गन्नौर के एसीपी ऋषिकांत ने बताया कि जयपाल की शिकायत के आधार पर तीनों नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। एसीपी ने दावा किया है कि जल्द ही तीनों सलाखों के पीछे होंगे। फिलहाल, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, लेकिन इस तुच्छ विवाद में हुई हत्या ने समाज में बढ़ते आक्रोश और गिरते धैर्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।