डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड पहुंचे चंडीगढ़ प्रशासक, पुराने कचरे को हटाने में धीमी गति पर जताई चिंता, काम में तेजी लाने के दिए आदेश
Dec 16, 2025 5:12 AM
चंडीगढ़: वेस्ट मैनेजमेंट की मौजूदा स्थिति की जांच करने और पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए उठाए जा रहे कदमों का जायजा लेने के लिए सोमवार को पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड पहुंचे। प्रशासक ने पुराने कचरे को हटाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बायो-माइनिंग और दूसरे साइंटिफिक तरीकों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान प्रशासक ने निर्देश दिया कि डंपिंग ग्राउंड एरिया को ग्रीन ज़ोन में बदला जाए और पर्यावरण को बेहतर बनाने और चंडीगढ़ के ग्रीन कवर को बढ़ाने के लिए ज़्यादा पेड़ लगाए जाएं। प्रशासक ने पुराने कचरे को हटाने की धीमी गति पर चिंता जताते हुए कहा कि आसपास रहने वाले लोग अभी भी स्वास्थ्य और पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने संबंधित विभागों को कचरा हटाने के काम में तेज़ी लाने का भी निर्देश दिया।
इस दौरे के दौरान अधिकारियों ने प्रशासक को बताया कि फिलहाल तीन एमआरएफ सेंटर कचरे को अलग करने और प्रॉसेस करने का काम कर रहे हैं और कोई नया कचरा ढेर नहीं बन रहा है। मौजूदा कचरे के ढेर को हटाने का काम जारी है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रशासक को बताया कि फरवरी माह के बाद से उक्त स्थल पर कोई नया कचरा नहीं डाला गया है, क्योंकि अब सारा कचरा उचित प्रॉसेसिंग के लिए एमआरएफ केंद्रों में भेजा जा रहा है। इस दौरे के दौरान मेयर हरप्रीत कौर बाबला, प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक प्रताप सिंह, यूटी प्रशासन के गृह सचिव मनदीप सिंह बराड़, उपयुक्त निशांत यादव, नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, चीफ इंजीनियर सीबी ओझा और चंडीगढ़ प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
गौरतलब है कि डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड में जमा पुराने कचरे की सफाई में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा था कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) को दिए गए वायदों और पूर्व प्रश्नों के उत्तरों में घोषित समयसीमा—पहले दिसंबर 2024 और फिर जुलाई 2025—के बावजूद कचरे की सफाई क्यों नहीं हो सकी। सरकार ने जवाब में जानकारी दी थी कि कुल 5.10 लाख मीट्रिक टन पुराना कचरा रिमेडिएट किया गया है, जबकि लगभग 55 हजार मीट्रिक टन बिना प्रसंस्करण वाला कचरा अब भी हटाया जा रहा है। सांसद तिवारी ने सरकार के उत्तर को भ्रामक बताया और कहा कि यह निराशाजनक है कि सरकार डंपिंग ग्राउंड की सफाई में हो रही देरी को छिपाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़ के निवासियों को इस समस्या से जल्द मुक्ति दिलाना आवश्यक है। सांसद की ओर से लोकसभा में सवाल उठाए जाने के बाद मेयर ने कुछ दिन पहले डंपिंग ग्राउंड का दौरा किया था।
प्रशासक ने ट्रांसपोर्ट नगर और सेक्टर 26 सब्जी मंडी का भी किया दौरा
बाद में, प्रशासक ने ट्रांसपोर्ट नगर और सेक्टर 26 की सब्जी मंडी का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार करने और इलाके में उचित सुरक्षा सुनिश्चित करने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए साफ-सफाई बनाए रखने और पर्याप्त सैनिटेशन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। सब्जी मंडी के दौरे के दौरान, राज्यपाल ने विक्रेताओं से बातचीत की, उनकी समस्याएं सुनीं, और अधिकारियों को समस्याओं को हल करने के लिए ज़रूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।