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चंडीगढ़ क्रेस्ट घोटाला: 83 करोड़ की धोखाधड़ी में अकाउंट्स हेड गिरफ्तार, आरोपी पेशी के बाद दो दिन की रिमांड पर

Apr 02, 2026 11:24 AM

चंडीगढ़: चंडीगढ़ में 83 करोड़ रुपये से अधिक के क्रेस्ट घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अकाउंट्स विभाग के प्रमुख साहिल कुक्कर को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला सेक्टर-17 स्थित आर्थिक अपराध शाखा (EOW) थाने में 12 मार्च 2026 को दर्ज किया गया था। शिकायत क्रेस्ट (चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा दी गई थी, जिसमें आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के अधिकारियों अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि पर करीब 83.04 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया।

अकाउंट्स हेड की भूमिका पर फोकस

जांच के दौरान यह सामने आया कि क्रेस्ट के बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर साहिल कुक्कर के नाम पर रजिस्टर्ड था। खाते से होने वाले सभी लेन-देन की एसएमएस सूचनाएं इसी नंबर पर आती थीं। इससे उसकी भूमिका को लेकर संदेह गहरा गया है। इसके अलावा फर्जी बैंक स्टेटमेंट तैयार करने में भी उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

कोर्ट में पेशी और पुलिस रिमांड

गिरफ्तारी के बाद आरोपी साहिल कुक्कर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर घोटाले के अन्य पहलुओं को उजागर करने की कोशिश कर रही है। उसे 3 अप्रैल 2026 को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

कैश ट्रेल की जांच जारी

आर्थिक अपराध शाखा की टीम इस मामले में पैसों के पूरे प्रवाह की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि धोखाधड़ी की राशि किन खातों में ट्रांसफर की गई और किन लोगों तक पहुंची। जांच एजेंसियां इस घोटाले में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाल रही हैं।

बैंक अधिकारियों पर भी आरोप

शिकायत में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के तीन अधिकारियों—अभय कुमार, सीमा धीमान और रिभव ऋषि—का नाम सामने आया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने मिलकर इस बड़े वित्तीय घोटाले को अंजाम दिया। पुलिस इन सभी के खिलाफ दर्ज आरोपों की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटा रही है।

जांच में और खुलासों की संभावना

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला अभी जांच के प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। कैश ट्रेल, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।

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