बहादुरगढ़ में एसडीएम का 'स्वच्छता अवतार': खुद झाड़ू लेकर सड़क पर उतरे अभिनव सिवाच, दुकानदारों को दी नसीहत
Apr 02, 2026 12:42 PM
झज्जर। अक्सर सरकारी दफ्तरों में फाइलों के बीच घिरे रहने वाले अफसर जब खुद जमीन पर उतरकर काम करने लगें, तो व्यवस्था का चेहरा बदलने लगता है। झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। एसडीएम अभिनव सिवाच प्रोटोकॉल और कुर्सी का मोह त्यागकर खुद झाड़ू लेकर सड़कों पर उतर आए। झज्जर रोड के व्यस्त बाजार में जब उन्होंने दुकानों के सामने बिखरे कूड़े को साफ करना शुरू किया, तो आसपास के दुकानदार और राहगीर अपनी जगह ठिठक गए। एसडीएम का यह अंदाज न केवल चर्चा का विषय बना, बल्कि नगर परिषद के उन सफाई कर्मचारियों के लिए भी संजीवनी साबित हुआ जो दिन-रात शहर को साफ रखने की जद्दोजहद में जुटे रहते हैं।
800 सफाई कर्मचारियों का बढ़ा हौसला, झज्जर रोड से हुई शुरुआत
एसडीएम अभिनव सिवाच ने इस विशेष स्वच्छता अभियान के जरिए नगर परिषद के अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि कागजी रिपोर्ट के बजाय धरातल पर सफाई दिखनी चाहिए। उन्होंने खुद झाड़ू लगाकर अभियान की शुरुआत की और सफाई कर्मचारियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चले। इस अभियान में नगर परिषद के करीब 800 स्थायी और अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों को तैनात किया गया है। एसडीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को हिदायत दी कि शहर के हर कोने में नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और कहीं भी कूड़े के ढेर नजर न आएं।
दुकानदार भी रडार पर, जनभागीदारी के बिना अधूरा है मिशन
सफाई के दौरान एसडीएम ने उन दुकानदारों को भी हिदायत दी जो अपनी दुकान के अंदर की गंदगी बाहर सड़क पर डाल देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की सख्ती से ज्यादा जरूरी आम जनता का सहयोग है। अभिनव सिवाच ने शहरवासियों और स्थानीय एनजीओ से अपील की है कि वे बहादुरगढ़ को स्वच्छ बनाने के इस मिशन में हाथ बटाएं। उन्होंने दोटूक कहा कि सड़कों को डस्टबिन न बनाएं; कूड़ा या तो डोर-टू-डोर आने वाली गाड़ियों को दें या फिर निर्धारित डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाएं।
अब रुकने वाला नहीं है सफाई का कारवां
एसडीएम ने साफ कर दिया कि यह केवल एक दिन का फोटो सेशन नहीं है, बल्कि एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। आने वाले दिनों में शहर के अलग-अलग वार्डों और मुख्य बाजारों में इसी तरह के अभियान चलाए जाएंगे। नगर परिषद के अमले को सक्रिय कर दिया गया है और अब हर वार्ड की सफाई रिपोर्ट सीधे उपमंडल अधिकारी कार्यालय में मॉनिटर की जाएगी। बहादुरगढ़ की जनता ने एसडीएम के इस जमीनी जुड़ाव की सराहना की है, लेकिन असली परीक्षा अब नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर होगी कि वे इस उत्साह को कितने समय तक कायम रख पाते हैं।