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Chandigarh News: सुंदरकांड कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब, युवाओं को दिया गया जागरूकता का संदेश

Mar 16, 2026 10:57 AM

पंचकूला: डबवाली ट्राइसिटी सिटीज़न फ़ोरम एवंदिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान  के संयुक्त तत्वावधान में इंद्रधनुष ऑडिटोरियम सेक्टर 5 में सुंदरकांड कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभु श्रीराम के समक्ष ज्योति प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर तारा दीदी (आरएसएस प्रचारिका, उत्तर एवं पश्चिम क्षेत्र), कुलभूषण गोयल (पूर्व मेयर, पंचकूला), गगन बस्सी, राकेश वधवा, आर.के. मक्कड़, भारत भूषण बंसल, पवन नागपाल, सतीश बंसल, अनिल गुप्ता, आर.के. जोशी, अनीता जोशी, रितु महाजन, वर्खा अरोड़ा, राज संघवान, विजय जुनेजा, विशाल गर्ग सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। संस्थान की ओर से साध्वी मैथिली भारती, स्वामी गुरुकृपा नंद और स्वामी सतबीरानंद जी भी कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

कार्यक्रम में दिव्य गुरु आशुतोष महाराज जी की शिष्या एवं विश्वविख्यात प्रवचिका साध्वी वैष्णवी भारती जी ने सुंदरकांड में निहित गहन आध्यात्मिक रहस्यों की मार्मिक व्याख्या की। उन्होंने बताया कि हनुमान जी की भारत से लंका तक की यात्रा केवल भौतिक यात्रा नहीं, बल्कि भक्ति की खोज की यात्रा है। जब जीव अपने भीतर श्रीराम तत्व को धारण कर चलता है, तो मार्ग की बाधाएं उसे नगण्य प्रतीत होती हैं। कार्यक्रम के दौरान “मेरा रंग दे बसंती चोला” जैसे देशभक्ति भजन ने वातावरण को भावनाओं से भर दिया और श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। साध्वी जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवावस्था में अपार शक्ति निहित होती है और जब-जब समाज के परिवर्तन के लिए युवाओं ने आगे बढ़कर कार्य किया है, तब-तब समाज में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि आज कई युवा नशाखोरी, अश्लीलता और अन्य कुरीतियों की ओर बढ़ रहे हैं, इसलिए उन्हें अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा को पहचानकर सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने स्वामी विवेकानंद और स्वामी रामतीर्थ का उदाहरण देते हुए कहा कि इन महान विभूतियों ने आध्यात्मिक शक्ति के बल पर विश्व में भारतीय संस्कृति का परचम लहराया। श्री हनुमान युवाओं का आह्वान करते हैं कि वे ब्रह्मज्ञान को प्राप्त कर अपनी ऊर्जा को पहचानें और उसे समाज के कल्याण में लगाएं। साध्वी जी ने श्री हनुमान चालीसा की चौपाई “श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मन मुकुर सुधारि। बरनऊँ रघुवर बिमल जसु, जो दायक फल चारि।” का उल्लेख करते हुए बताया कि गुरु की शरण में जाने पर साधक को चार दिव्य फल—दिव्य प्रकाश, अनहदनाद, अमृत और परमात्मा के आदि नाम का अनुभव प्राप्त होता है। गुरु ब्रह्मज्ञान के माध्यम से मनुष्य के भीतर परमात्मा के तत्व का साक्षात्कार कराते हैं।

आध्यात्मिक संदेशों से परिपूर्ण इस सुंदरकांड कथा को सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कार्यक्रम का समापन प्रभु की पावन आरती के साथ हुआ। आरती में जगमोहन गर्ग, प्रवीण गोयल (सौरभ केमिकल्स), बजरंग लाल शर्मा, जस्टिस ए.एन. जिंदल, धरमपाल गुप्ता (सेवानिवृत्त आईएएस), हीरा नेगी (वरिष्ठ भाजपा नेता), शिव कुमार गर्ग, ब्रिज लाल गर्ग, कैलाश मित्तल, हरगोबिंद गोयल, सी.एच. गोयल, उमेश सूद (उपाध्यक्ष, भाजपा पंचकूला), सोनिया सूद (एमसी, पंचकूला), विजय गर्ग, एम.एल. बंसल, अनिल गुप्ता, आशीष अग्रवाल, जय कौशिक (जिला महासचिव, भाजपा पंचकूला), जोगिंदर गोयल, सी.बी. गोयल, डॉ. राकेश शर्मा और विजय शर्मा (मार्केट कमेटी, सेक्टर-15 पंचकूला) सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

इसके अलावा रघुनाथ मंदिर कमेटी (सेक्टर-15 पंचकूला), गौरी शंकर मंदिर कमेटी (सेक्टर-7 पंचकूला), श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर कमेटी (सेक्टर-6 पंचकूला) और राधा माधव मंदिर कमेटी (सेक्टर-4 पंचकूला) के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रभु चरणों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

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