Chandigarh News: आर्मी डॉग्स ने पीयू के छात्रों को दिखाए अद्भुत करतब, बेल्जियन शेफर्ड ने दिखाई अटैकिंग स्किल्स
Apr 10, 2026 10:44 AM
चंडीगढ़: पंजाब यूनिवर्सिटी में वीरवार को आयोजित डॉग शो ने सैकड़ों छात्रों में उत्साह भर दिया। रिमाउंट वेटरनरी कॉर्पस (आरवीसी) द्वारा प्रस्तुत इस कार्यक्रम में भारतीय सेना के प्रशिक्षित डॉग्स ने अपनी उत्कृष्ट क्षमताओं का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। ‘कवच 3.0’ के अंतर्गत यूबीएस ग्राउंड में पहली बार आर्मी डॉग शो का प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों का खूब ध्यान खींचा। शो में 5 लैब्राडोर रिट्रीवर और 2 बेल्जियन शेफर्ड नस्ल के डॉग्स ने हिस्सा लिया, जिन्होंने अपने अद्भुत करतबों से छात्रों को हैरान कर दिया। डॉग्स ने ‘बर्मा ब्रिज’जैसे कठिन अवरोध पार किए, 15 फीट ऊंची सीढ़ियां चढ़ीं और विभिन्न जंप ऑब्स्टैकल्स को आसानी से पार किया जिससे छात्र हैरान रह गए। सबसे रोमांचक क्षण तब आया जब दो बेल्जियन शेफर्ड जवानों के साथ गश्त करते नजर आए। अनुशासित कदमताल के बीच अचानक एक ‘संदिग्ध’ सामने आया। जैसे ही डॉग्स ने उसे देखा, एक शेफर्ड ने तेजी से छलांग लगाकर उसे काबू कर लिया और उसके हाथ को मजबूती से पकड़ लिया, जिससे छुड़ाने की सारी कोशिशें विफल हो गईं।
कार्यक्रम के दौरान आरवीसी के डॉग हैंडलर सैनिकों ने बताया कि सेना के डॉग्स की औसत आयु लगभग 12 वर्ष होती है, जिनमें से वे अधिकतम 10 वर्ष तक सेवा दे सकते हैं। एक वर्ष के कठिन प्रशिक्षण के बाद इन्हें डॉग स्क्वॉड में शामिल किया जाता है। ये डॉग्स विस्फोटक, माइन और अवैध पदार्थों की खोज, आतंकियों की ट्रैकिंग, कठिन इलाकों में सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन, तथा संवेदनशील रक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और गश्त जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन ‘कवच 3.0’ के तहत पीयू के रक्षा एवं राष्ट्रीय सुरक्षा अध्ययन विभाग द्वारा आयोजित किया गया।
हथियारों और आधुनिक ड्रोन प्रदर्शनी ने बढ़ाया रोमांच, छात्रों ने ली तकनीकी जानकारी
डॉग शो के अलावा, पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट सेंटर में वेस्टर्न कमांड, चंडीमंदिर की ओर से सैन्य उपकरणों और हथियारों की विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां इन्फैंट्री बटालियन में उपयोग होने वाले हथियारों को प्रदर्शित किया गया। एनसीसी की 1 चंडीगढ़ गर्ल बटालियन और 2 चंडीगढ़ बटालियन (बॉयज़) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विस्तृत मॉडल प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को खासा आकर्षित किया। वहीं, 1 चंडीगढ़ एयर स्क्वाड्रन और 1 चंडीगढ़ नेवल यूनिट द्वारा क्रमशः विमानों और जहाजों के विभिन्न मॉडल भी प्रदर्शित किए गए। हथियारों की प्रदर्शनी के दौरान छात्रों और आम लोगों ने खासा उत्साह दिखाया और सैनिकों से हथियारों की विशेषताओं व तकनीकी जानकारी विस्तार से जानी।
प्रदर्शनी में ‘बैटल फील्ड सर्विलांस रडार (बीएफएसआर)’ भी प्रमुख आकर्षण रहा, जिसकी लगभग 5 किलोमीटर तक की रेंज है और यह दूर स्थित लक्ष्यों की पहचान करने में सक्षम है। इसके अलावा, एसवीएल कॉप्टर, वज्र 1.5, वज्र 200 और एम694 एसवीएल जैसे आधुनिक ड्रोन भी प्रदर्शित किए गए, जो सामान्यतः 500 मीटर से 1 किलोमीटर तक ऊंचाई तक उड़ान भर सकते हैं और करीब 5 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकते हैं। वहीं, अलग-अलग प्रकार की राइफल्स, शॉटगन, गन और अन्य सैन्य उपकरण भी आम लोगों के लिए प्रदर्शित किए गए, जिससे उन्हें सेना की तकनीक और ताकत को करीब से समझने का अवसर मिला।
मेजर जनरल मेहतानी रहे विशेष अतिथि
पीयू के डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस एंड नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज (डीडीएनएसएस) के वार्षिक साहित्यिक व सांस्कृतिक उत्सव ‘कवच 3.0: रणनीति का रंगमंच’ के उद्घाटन समारोह में पीयू की वाइस चांसलर प्रो. रेनू विग मुख्य संरक्षक के रूप में शामिल हुईं। वहीं, विशेष अतिथि के तौर पर मेजर जनरल भरत मेहतानी, एडीजी एनसीसी, पीएचएचपी एंड सी निदेशालय उपस्थित रहे। इस दौरान स्टूडेंट सेंटर और साथ लगते यूनिवर्सिटी मैदान में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। डीडीएनएसएस के चेयरपर्सन एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. जसकरण सिंह वरैच ने मुख्य अतिथियों, यूनिवर्सिटी के फैकल्टी सदस्यों और छात्रों का स्वागत किया।
आज देखने को मिलेगा आर्मी हॉर्स शो
कवच 3.0 का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहेगा, जिसमें कई रोचक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सुबह 10:30 बजे से एनसीसी की विभिन्न गतिविधियां शुरू होंगी, जबकि 11:30 बजे आर्मी हॉर्स शो प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसके साथ ही, वेपन डिस्प्ले भी दूसरे दिन आम लोगों के लिए खुला रहेगा, जहां दर्शक सैन्य उपकरणों को करीब से देख सकेंगे।