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Chandigarh News: चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में महिला आरक्षण और कम्युनिटी सेंटर सुविधाओं पर पार्षदों में टकराव, कांग्रेस ने जताया विरोध

Apr 30, 2026 1:03 PM

चंडीगढ़: चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक बृहस्पतिवार को शुरू होते ही हंगामे में बदल गई। बैठक के दौरान महिला आरक्षण बिल को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई। भाजपा की महिला पार्षदों ने 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग उठाई, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने इस मुद्दे पर विरोध जताया। मेयर सौरभ जोशी ने पार्षदों के निंदा प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए इसे एजेंडे में शामिल करने की बात कही। इसी दौरान कम्युनिटी सेंटर की सुविधाओं को लेकर भी विवाद तेज हो गया।

महिला आरक्षण बिल पर गरमाया माहौल

बैठक में महिला आरक्षण बिल प्रमुख मुद्दा बन गया। भाजपा पार्षदों ने संसद में बिल पास न होने पर नाराजगी जताई और निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की। मेयर ने इसे टेबल एजेंडा में शामिल करने का आश्वासन दिया। कांग्रेस पार्षदों ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि भाजपा पहले अपनी तैयारी स्पष्ट करे। इस दौरान सदन में जोरदार नारेबाजी हुई।

कम्युनिटी सेंटर की सुविधाओं पर सवाल

कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत ने शहर के कम्युनिटी सेंटरों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि लोग 50 हजार रुपए से अधिक की बुकिंग राशि जमा करते हैं, लेकिन उन्हें सही सुविधाएं नहीं मिलतीं। खासकर एसी की सर्विस नहीं होने से लोगों को परेशानी होती है। इस पर सदन में “कांग्रेस मुर्दाबाद” के नारे भी लगे।

सड़क मरम्मत के लिए बड़ा बजट प्रस्ताव

बैठक में विकास कार्यों पर भी चर्चा की गई। रोड डिवीजन नंबर-1 के तहत सड़कों और पार्किंग क्षेत्रों की री-कारपेटिंग के लिए 1710.93 लाख रुपए का संशोधित बजट प्रस्ताव रखा गया। इससे शहर की सड़कों की स्थिति सुधारने की योजना है।

कूड़ा प्रबंधन और नई मशीनों की खरीद

शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अटावा, बुड़ैल, मलोया, कजहेड़ी और डड्डूमाजरा समेत कई इलाकों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए समझौते का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही 242.67 लाख रुपए की लागत से टिप्पर और हाइड्रोलिक मशीनें खरीदने की योजना पर भी चर्चा हुई।

पानी और कचरा प्रबंधन पर नए प्रोजेक्ट

नगर निगम ने पानी की पाइपलाइन सुधारने और लीकेज की समस्या खत्म करने के लिए नई योजना पेश की। इसके अलावा गीले कचरे को खाद में बदलने के लिए एंजाइमेटिक ऑर्गेनिक कंपाउंड आधारित प्रोजेक्ट शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया। बागवानी कचरे के लिए 60 टीपीडी क्षमता का नया प्लांट लगाने और स्ट्रीट वेंडर के बकाया माफ करने के मुद्दे पर भी विचार किया जाएगा।

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