Chandigarh News: जीएमएसएच-16 में शुरू हुई ईवनिंग ओपीडी, पहले दिन 25 मरीजों ने लिया लाभ
Feb 25, 2026 10:06 AM
चंडीगढ़: शहर के सेक्टर-16 स्थित गवर्नमेंट मल्टी-स्पेशलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच-16) में लंबे समय से प्रस्तावित ईवनिंग ओपीडी सेवा मंगलवार से शुरू हो गई। इस सुविधा को ट्रायल आधार पर शुरू किया गया है। प्रारंभिक चरण में ईवनिंग ओपीडी शाम 5 बजे से 7 बजे तक संचालित की जाएगी, ताकि कामकाजी लोगों और दिन के समय अस्पताल नहीं पहुंच पाने वाले मरीजों को उपचार की सुविधा मिल सके। पहले दिन के ट्रायल रन के दौरान कुल 25 मरीजों को परामर्श प्रदान किया गया। उक्त पहल से चंडीगढ़ में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने तथा द्वितीयक स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त बनाने की अपेक्षा है, जो चंडीगढ़ के प्रशासक की दूरदर्शी सोच एवं मार्गदर्शन के अनुरूप है।
चंडीगढ़ के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का दौरा कर जमीनी स्थिति एवं कार्यप्रणाली का आकलन करते हुए पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया था। विशेष रूप से उन्होंने बेहतर रोगी देखभाल सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया था। उक्त निर्देशों के अनुपालन में, स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में पहल करते हुए प्रारंभिक रूप जीएमएसएच-16 में सायं 5 बजे से 7 बजे तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती कर शाम की ओपीडी सेवा प्रारंभ की गई है। यह सेवा मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, पीडियाट्रिक्स तथा गायनाकोलॉजी विभागों में उपलब्ध रहेगी। आगामी चरण में यह सुविधा सिविल अस्पतालों में भी शुरू की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना को लागू करने में अब तक सबसे बड़ी बाधा पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता थी। लेकिन अब ईवनिंग ओपीडी के लिए नए विशेषज्ञ डॉक्टरों की मंज़ूरी मिलने के बाद इस सेवा को शुरू करने का रास्ता साफ हो गया था। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि शाम के समय ओपीडी शुरू होने से मरीजों पर दिन के समय पड़ने वाला दबाव भी कम होगा और उपचार व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। प्रशासक ने निर्देश दिया था कि अस्पतालों को सशक्त द्वितीयक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में कार्य करना चाहिए, ताकि आमजन को सुलभ विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हो सकें और तृतीयक स्वास्थ्य संस्थानों जैसे जीएमएसएच-16, जीएमसीएच-32 तथा पीजीआई पर अनावश्यक रेफरल एवं रोगियों का भार कम किया जा सके।
ईवनिंग ओपीडी के लिए डॉक्टरों को 2 घंटे की ओपीडी के लिए प्रतिदिन 2000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। हालाकि ईवनिंग ओपीडी में डॉक्टरों को दो घंटे की ड्यूटी के लिए दो हजार रुपये मानदेय देने को लेकर आरटीआई एक्टिविस्ट आरके गर्ग ने स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि इतने कम मानदेय पर अनुभवी और अच्छे डाक्टरों को जोड़ना मुश्किल होगा। ऐसे में या तो कम अनुभव वाले डाक्टर आएंगे या फिर कुछ लोग मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर भेजने जैसी गलत प्रथाओं में शामिल हो सकते हैं। पत्र में 2015 की ईवनिंग ओपीडी का जिक्र भी किया गया है। उस समय कुछ डाक्टरों पर मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने के आरोप लगे थे।
अधिकारियों ने बताया कि शहर में अलग-अलग स्थानों पर नई ओपीडी सेवाएं शुरू करने के बजाय अस्पताल परिसर के भीतर ही ईवनिंग ओपीडी शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि जीएमएसएच-16 में सीटी स्कैन, एक्स-रे सहित सभी जरूरी डायग्नोस्टिक सुविधाएं पहले से उपलब्ध हैं। ऐसे में मरीजों को जांच के लिए अन्य केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और परेशानी दोनों की बचत होगी। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, ईवनिंग ओपीडी शुरू होने के बाद इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी। मरीजों की संख्या, जरूरतों और प्रतिक्रिया के आधार पर भविष्य में इसकी अवधि बढ़ाने या सेवाओं का विस्तार करने पर भी विचार किया जा सकता है। इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि शहरवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर और अधिक सुलभ सुविधा मिल सकेगी।