चंडीगढ़: ब्रेस्ट कैंसर के इलाज में नई संभावनाओं की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने पंजाब यूनिवर्सिटी की यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज की प्रोफेसर रंजू बंसल को 65 लाख रुपये की शोध के लिए ग्रांट दी है। यह तीन वर्षीय प्रोजेक्ट ब्रेस्ट कैंसर में विकसित हो रही दवा-प्रतिरोधक क्षमता (थेरेपी रेजिस्टेंस) से निपटने के लिए नए स्टेरॉयडल ड्रग अणुओं के विकास पर केंद्रित होगा। ब्रेस्ट कैंसर विश्वभर में महिलाओं के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। रजोनिवृत्ति के बाद कई मरीजों को हार्मोन को कम या अवरुद्ध करने वाली दवाएं दी जाती हैं। शुरुआत में ये दवाएं प्रभावी रहती हैं, लेकिन समय के साथ कैंसर कोशिकाएं इनके प्रति प्रतिरोधक हो जाती हैं, जिससे इलाज जटिल हो जाता है। वर्तमान में ऐसी कोई एकल स्वीकृत दवा उपलब्ध नहीं है जो इस समस्या का प्रभावी समाधान दे सके।
प्रो. बंसल के नेतृत्व में इस परियोजना के तहत नए स्टेरॉयडल यौगिक तैयार किए जाएंगे। सह-अन्वेषक डॉ. सिमरन प्रीत और डॉ. ए. के. रंगन के साथ मिलकर इन यौगिकों का परीक्षण विभिन्न कैंसर सेल लाइनों पर किया जाएगा। इसके बाद उनकी प्रभावशीलता को पशु मॉडल में भी परखा जाएगा। करीब तीन दशकों के अनुभव वाली प्रो. बंसल कैंसररोधी दवाओं के विकास की विशेषज्ञ हैं। उनके पूर्व शोध में शक्तिशाली एरोमाटेज इनहिबिटर्स की खोज शामिल है, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय पेटेंट भी प्राप्त हैं। यह नया अनुदान पीयू में चल रहे सार्वजनिक स्वास्थ्य शोध को और सशक्त करेगा।