चंडीगढ़: प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरने वाले लोगों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। नगर निगम ने 100 से अधिक घरों को पानी का कनेक्शन काटने का नोटिस जारी किया है। रेजिडेंशियल प्रापर्टी के मामले में ऐसा कदम पहली बार उठाया गया है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इन संपत्ति मालिकों को पिछले कई वर्षों से बकाया टैक्स जमा करने के लिए बार-बार रिकवरी नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने भुगतान नहीं किया था। अब निगम ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित समय सीमा में टैक्स जमा नहीं कराने पर पानी की सप्लाई काट दी जाएगी। नगर निगम को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से बकाया टैक्स की अच्छी वसूली होगी और बाकी लोग भी समय पर टैक्स भरने के लिए सतर्क होंगे।
नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भरने वाले 102 मकान मालिकों को पानी की सप्लाई काटने के नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स शाखा ने इंजीनियरिंग विभाग के पब्लिक हेल्थ विंग के साथ मिलकर यह कार्रवाई शुरू की है। पानी की सप्लाई काटने की प्रक्रिया पब्लिक हेल्थ विंग द्वारा की जाएगी। इस पूरे अभियान की निगरानी नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी सीधे तौर पर कर रहे हैं। कार्रवाई की प्रगति को लेकर उन्हें नियमित रूप से रिपोर्ट दी जा रही है।
नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक, नियमों के अनुसार टैक्स न भरने पर दुकानों और अन्य व्यावसायिक इमारतों को सील किया जा सकता है। लेकिन घरों को सील करने का कोई नियम नहीं है, क्योंकि घर को जरूरी जरूरत माना जाता है। इसी कारण रेजिडेंशियल प्रापर्टी पर सीलिंग की कार्रवाई नहीं हो सकती। इसलिए नगर निगम ने जरूरी आदेश जारी करने के बाद टैक्स न भरने वाले घरों की पानी की सप्लाई काटने का फैसला किया है। अधिकारियों के अनुसार कुछ घरों के मालिक बार-बार टैक्स भरने में देरी कर रहे थे। कई बार याद दिलाने के बाद भी पैसा जमा नहीं हुआ, इसलिए नगर निगम ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ बकाया टैक्स वसूलना नहीं है, बल्कि नए वित्तीय साल से पहले सभी को समय पर टैक्स भरने के लिए जागरूक और तैयार करना भी है।
नगर निगम को अब तक प्रापर्टी टैक्स से हुई 85 करोड़ से ज्यादा की कमाई
नगर निगम ने मौजूदा वित्त वर्ष में अब तक प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 85 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली की है। इसमें करीब 31 करोड़ रुपये घरों से और लगभग 54 करोड़ रुपये दुकानों और अन्य व्यावसायिक संपत्तियों से मिले हैं। निगम ने टैक्स नहीं भरने वालों को 3,300 से ज्यादा नोटिस भेजे हैं। इन लोगों से कहा गया है कि वे जल्द टैक्स जमा करें, नहीं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। करीब 2,000 नोटिस घरों के मालिकों को और लगभग 1,300 नोटिस दुकानों व कमर्शियल संपत्तियों के मालिकों को भेजे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ दुकानों और व्यावसायिक संपत्तियों को अंतिम चेतावनी दी जा चुकी है। अगर उन्होंने जल्द टैक्स नहीं भरा तो उनकी संपत्तियां सील की जा सकती है।
शहर में 1.42 लाख प्रापर्टी आती हैं टैक्स के दायरे में
शहर में 55 गज से ऊपर के मकान में रहने वालों पर हाउस टैक्स लगता है। शहर में करीब 1.42 लाख संपत्ति यां प्रॉपर्टी टैक्स के दायरे में आती हैं। इनमें से लगभग 1.12 लाख घर हैं, जबकि करीब 30 हजार दुकानें और अन्य व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। नगर निगम हर साल एक अप्रैल से 31 मई के बीच प्रापर्टी टैक्स जमा कराने पर 10 से 20 फीसदी की छूट देता है। 31 मई के बाद कोई छूट नहीं मिलती है। बकाया पर 12 फीसदी ब्याज के साथ वार्षिक प्रॉपर्टी टैक्स पर 25 फीसदी अतिरिक्त जुर्माना लगेगा। सेल्फ असेसमेंट स्कीम के तहत 31 मई तक पूरी राशि का भुगतान करने पर रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर 20 फीसदी और कमर्शियल एवं इंस्टीट्यूशनल प्रॉपर्टी पर 10 फीसदी छूट का लाभ उठाया जा सकता है।