चंडीगढ़ में बढ़ेगा ई-बस बेड़ा: सड़क सुरक्षा व्यवस्था भी होगी मजबूत, स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए स्ट्रैप्स नीति सख्ती से होगी लागू
May 15, 2026 10:51 AM
चंडीगढ़: यूटी प्रशासन के मुख्य सचिव एच.राजेश प्रसाद ने वीरवार को परिवहन विभाग,सीटीयू और राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में शहर की सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को और बेहतर बनाने, ई-बसों की संख्या बढ़ाने तथा सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में परिवहन सचिव दिप्रवा लाकड़ा, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक परिवहन, सचिव एसटीए और सीटीयू के महाप्रबंधक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में चंडीगढ़ शहर में 397 बसें संचालित हो रही हैं, जबकि 269 बसें अंतरराज्यीय रूटों पर चल रही हैं। इसके अलावा फिलहाल 139 ई-बसें शहर में सेवा दे रही हैं। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत जून 2026 तक 41 नई ई-बसें और शामिल किए जाने की संभावना है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत सीईएसएल के माध्यम से चंडीगढ़ के लिए 328 अतिरिक्त ई-बसों की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बढ़ते ई-बस बेड़े के सुचारु संचालन के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा और अन्य तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। मुख्य सचिव ने सीटीयू और सीसीबीएसएस को बस रूटों के बेहतर प्रबंधन, परिचालन दक्षता बढ़ाने और यात्रियों को अधिक सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके। सड़क सुरक्षा को लेकर उन्होंने स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए “सेफ ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी फॉर स्टूडेंट्स” (स्ट्रैप्स) को सख्ती से लागू करने और उसकी निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही चंडीगढ़ पुलिस के साथ समन्वय कर ईआरएसएस-112 के साथ पैनिक अलर्ट इंटीग्रेशन से जुड़े मामलों को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने पुराने वाहनों की स्क्रैपिंग को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने और वाहन मालिकों से केवल अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्रों का ही उपयोग करने की अपील की। इसके अलावा अवैध सड़क किनारे स्क्रैपिंग गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में वाहन फिटनेस जांच में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आटोमेटेड इंस्पेक्शन एवं फिटनेस सर्टिफिकेशन सर्टिफिकेट को जल्द शुरू करने और रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर को भी शीघ्र चालू करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा राज्य परिवहन प्राधिकरण में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए 48 नए पद सृजित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए, ताकि विभागीय कामकाज प्रभावित न हो।