- by Vinita Kohli
- Nov, 01, 2025 04:35
चंडीगढ़: मशहूर पंजाबी गायक और सांस्कृतिक प्रतीक गुरदास मान ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से लोक भवन, पंजाब में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान पंजाब में नशा-सेवन की बढ़ती समस्या और इसके युवाओं पर पड़ रहे गंभीर व विनाशकारी प्रभावों पर गहन चर्चा हुई। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है और इससे निपटने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभिशाप को पंजाब की धरती से जड़ से समाप्त करना समय की मांग है।उन्होंने बताया कि वे पिछले एक वर्ष से नशे के खिलाफ निरंतर जन-जागरूकता अभियान चला रहे हैं। इस अभियान में शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक व धार्मिक संगठनों, गैर-सरकारी संस्थाओं, खिलाड़ियों, राजनीतिक संगठनों सहित विभिन्न वर्गों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है।
राज्यपाल ने कहा कि आम लोगों से सीधे संवाद स्थापित करने के लिए उन्होंने व्यापक पदयात्राएं भी की हैं। इनमें गुरदासपुर और अमृतसर जिलों में छह दिवसीय तथा जालंधर जिले में दो दिवसीय पदयात्रा शामिल रही। इन यात्राओं का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरण और सामाजिक समर्थन जुटाना रहा। नशा-विरोधी जनमत निर्माण में कला और संस्कृति की भूमिका को अहम बताते हुए राज्यपाल ने गुरदास मान से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रभावशाली व्यक्तित्वों की सहभागिता से युवाओं तक यह संदेश अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकता है। इस पर गुरदास मान ने नशा-विरोधी अभियान से पूरी प्रतिबद्धता के साथ जुड़ने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है और स्वस्थ व नशामुक्त पंजाब के निर्माण के लिए वे हर संभव योगदान देंगे। बैठक सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई और इस बात पर सहमति बनी कि नशा जैसी गंभीर सामाजिक समस्या से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास और व्यापक सामाजिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।