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राजस्थान में मेहंदीपुर बालाजी का 1100 किलो पंचामृत से महाअभिषेक: दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों से आए श्रद्धालु

Apr 02, 2026 4:34 PM

Hanuman Jayanti: राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी धाम में चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर गुरुवार को भव्य धार्मिक आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह 4 बजे से शुरू हुए इस विशेष कार्यक्रम में मंदिर के महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने स्वयंभू बालाजी का 1100 किलो पंचामृत से महाभिषेक किया और सोने का चोला चढ़ाया। इसके बाद इत्र और केवड़ा से सुगंधित पुष्पों से श्रृंगार कर 351 किलो छप्पनभोग अर्पित किया गया।

1781 किलो महाप्रसादी का विशेष भोग

हनुमान जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर बालाजी महाराज को कुल 1781 किलो महाप्रसादी का भोग लगाया गया। इसमें 251 किलो चूरमा, 711 किलो दाने, 511 किलो पकौड़ी और 311 किलो छप्पनभोग शामिल रहे। महंत डॉ. नरेशपुरी महाराज ने महाआरती कर प्रसादी अर्पित की। इस दौरान भजन संध्या, शहनाई वादन और कन्या पूजन जैसे धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु

मेहंदीपुर बालाजी धाम में आयोजित इस भव्य समारोह में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने बालाजी महाराज के दर्शन किए और पूजा-अर्चना में भाग लिया। पूरे मंदिर परिसर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा का आकर्षण

जन्मोत्सव के मौके पर श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की गई, जो आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। इससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने इस विशेष क्षण का आनंद लिया।

मंदिर की भव्य सजावट और झांकियां

मंदिर को इस अवसर पर विशेष रूप से सजाया गया। कारीगरों ने गर्भगृह को लाल पत्थर की डिजाइन में सजाया और परिसर में हनुमान जी की बाल लीलाओं की झांकियां प्रस्तुत की गईं। साथ ही भव्य तोरण द्वार भी तैयार किए गए, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे।

धार्मिक आयोजनों से गूंजा परिसर

पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक गतिविधियां चलती रहीं। भजन-कीर्तन, हवन-यज्ञ और अन्य अनुष्ठानों ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे मेहंदीपुर बालाजी धाम में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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