दिल्ली में टोल का झंझट खत्म: मुंडका-बक्करवाला में बिना रुके कटेगा टैक्स, गडकरी ने किया उद्घाटन
May 11, 2026 5:19 PM
दिल्ली। राजधानी दिल्ली की सड़कों पर रफ्तार भरने वालों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर अब आपको अपनी गाड़ी के पहिए रोकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने यहां देश के दूसरे 'बैरियर-लेस' टोल सिस्टम (MLFF) का उद्घाटन कर दिया है। अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) पर स्थित यह आधुनिक टोल प्लाजा देश के हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर में एक क्रांतिकारी बदलाव की मिसाल पेश कर रहा है। अब चालक बिना किसी रुकावट के हाईवे की स्पीड पर ही टोल क्रॉस कर सकेंगे।
कैमरे पहचानेंगे नंबर प्लेट, सेंसर से कट जाएगा पैसा
अक्सर टोल प्लाजा पर फास्टैग होने के बावजूद बैरियर के उठने का इंतजार करना पड़ता था, जिससे ट्रैफिक की रफ्तार धीमी हो जाती थी। लेकिन यह नया मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम पूरी तरह अलग है। इसमें फिजिकल बैरियर हटा दिए गए हैं और उनकी जगह ओवरहेड फ्रेम पर हाई-स्पीड सेंसर और कैमरे लगाए गए हैं। जैसे ही कोई वाहन इस फ्रेम के नीचे से गुजरेगा, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक गाड़ी की पहचान कर लेगी और सीधे आपके फास्टैग या उससे जुड़े खाते से टोल की राशि काट ली जाएगी।
समय और ईंधन की बचत: प्रदूषण पर भी लगेगी लगाम
बैरियर मुक्त टोलिंग का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली-एनसीआर के उन यात्रियों को मिलेगा जो हर मिनट कीमती समझते हैं। टोल पर रुकने, फिर से गियर बदलने और पिकअप लेने की प्रक्रिया खत्म होने से ईंधन की भारी बचत होगी। सरकार का मानना है कि इस सिस्टम से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या सुलझेगी, बल्कि गाड़ियों के बार-बार खड़े होने और चलने से होने वाले वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। यह सिस्टम स्मार्ट ट्रांसपोर्टेशन की दिशा में भारत का एक बड़ा कदम है।
मिशन 2026: पूरे देश में लागू होगी यह तकनीक
नितिन गडकरी ने इस मौके पर संकेत दिए कि दिल्ली का यह प्रयोग एक बड़े बदलाव की शुरुआत है। सरकार का विजन है कि साल 2026 के अंत तक देश के ज्यादातर राष्ट्रीय राजमार्गों को इसी तरह बैरियर मुक्त बना दिया जाए। इससे हाईवे पर यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा और भारत की सड़कें वैश्विक मानकों के बराबर खड़ी होंगी। मुंडका-बक्करवाला में इस सिस्टम के सफल संचालन के बाद अब अन्य व्यस्त रूटों पर भी इसी तकनीक को लाने की तैयारी तेज हो गई है।