Punjab News: पंजाब सीएम के चचेरे भाई भाजपा में शामिल, हरियाणा सीएम सैनी और सुनील जाखड़ ने जॉइन कराई पार्टी
May 11, 2026 5:22 PM
चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में सोमवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। ज्ञान सिंह मान लंबे समय तक आम आदमी पार्टी के साथ जुड़े रहे और संगठनात्मक स्तर पर अहम जिम्मेदारियां संभालते रहे हैं। उनकी भाजपा में एंट्री को पंजाब, खासकर मालवा क्षेत्र की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संगरूर जिले के गांव सतौज निवासी ज्ञान सिंह मान ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनावों से सक्रिय राजनीति में काम शुरू किया था। 2013 में आम आदमी पार्टी के गठन के समय से ही वह पार्टी संगठन को मजबूत करने में जुटे रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार उन्होंने गांव और ब्लॉक स्तर पर संगठन विस्तार में अहम भूमिका निभाई थी। 2014 से 2022 तक वह संगरूर सांसद कार्यालय के प्रभारी भी रहे और स्थानीय स्तर पर पार्टी गतिविधियों का संचालन करते थे।
धुरी चुनाव में निभाई थी अहम भूमिका, सैनी ने AAP सरकार पर बोला हमला
2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में ज्ञान सिंह मान ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के धुरी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी प्रबंधन संभाला था। वह चुनाव कार्यालय के प्रभारी रहे और कैंपेन संचालन की जिम्मेदारी भी निभाई। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान उन्हें आम आदमी पार्टी के कैंपेन इंचार्ज के तौर पर भी जिम्मेदारी दी गई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी भाजपा में शामिल होने से मालवा क्षेत्र में भाजपा संगठन को कुछ मजबूती मिल सकती है।
भाजपा जॉइनिंग कार्यक्रम के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों के बाद पंजाब में आप सरकार बौखलाई हुई है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने जनता से किए कई वादे पूरे नहीं किए। सैनी ने कहा कि युवाओं को रोजगार, नशामुक्त पंजाब और महिलाओं को आर्थिक सहायता देने जैसे मुद्दों पर सरकार विफल रही है।
ईडी कार्रवाई और भ्रष्टाचार पर भी उठाए सवाल
नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम में ईडी की कार्रवाई को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ईडी एक स्वतंत्र एजेंसी है और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई होना स्वाभाविक है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को शहीद भगत सिंह के नाम का राजनीतिक इस्तेमाल करने के बजाय उनके आदर्शों पर काम करना चाहिए। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि आने वाले समय में पंजाब में पार्टी का जनाधार और मजबूत होगा।
पंजाब में निकाय चुनाव की घोषणा के बीच ज्ञान सिंह मान का भाजपा में शामिल होना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। राज्य में 26 मई को नगर निगम और नगर निकाय चुनाव होने हैं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री भगवंत मान के करीबी रिश्तेदार का भाजपा में जाना विपक्ष के लिए बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। राजनीतिक दल अब शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार रणनीति बना रहे हैं और आने वाले दिनों में दल-बदल की राजनीति और तेज हो सकती है।