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कैथल में 'कचरा क्रांति': सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर हुआ बेहाल, सड़कों पर लगे गंदगी के अंबार

May 11, 2026 5:14 PM

कैथल। प्रदर्शन के दौरान महिला सफाई कर्मचारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आया। वर्षा, सीमा और सुनीता जैसी महिला कर्मचारियों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि ठेकेदारी प्रथा उनके लिए जी का जंजाल बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार न केवल उनका शोषण कर रहे हैं, बल्कि समय पर वेतन न मिलने के कारण उनके घरों में चूल्हे तक ठंडे पड़ गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि हर बार उन्हें मीठी बातें कहकर और झूठा आश्वासन देकर हड़ताल खत्म करवा दी जाती है, लेकिन इस बार वे किसी के झांसे में आने वाले नहीं हैं।

बदबू और गंदगी ने छीना शहर का चैन

एक तरफ कर्मचारी अपनी मांगों पर डटे हैं, तो दूसरी तरफ आम जनता इस खींचतान की चक्की में पिस रही है। भीषण गर्मी और ऊपर से सड़कों पर सड़ांध मारता कचरा—इस मेल ने कैथल वासियों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर के व्यस्त बाजारों और रिहायशी इलाकों में स्थिति नारकीय बनी हुई है। आवारा पशु इस कचरे को सड़कों के बीचों-बीच फैला रहे हैं, जिससे न केवल यातायात बाधित हो रहा है बल्कि संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है।

नगर परिषद की चौखट पर ही पसरी है गंदगी

हड़ताल की विडंबना देखिए कि नगर परिषद के मुख्य गेट के ठीक सामने जमा हुआ गंदा पानी और कचरा आने-जाने वालों के लिए मुसीबत बना हुआ है। कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी जायज मांगों का लिखित और ठोस समाधान नहीं होता, तब तक झाड़ू नहीं उठेगी। रवि और विक्की जैसे युवा कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही कोई रास्ता नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में यह हड़ताल एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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