कैथल में आस्था का संगम: सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर निकली भव्य कलश यात्रा
May 11, 2026 4:54 PM
कैथल। कलश यात्रा के शुभारंभ पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष ज्योति सैनी ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "शास्त्रों के अनुसार, यह वही पावन भूमि है जहां चंद्रदेव की तपस्या से प्रसन्न होकर महादेव प्रथम ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। इतिहास गवाह है कि विदेशी आक्रांताओं ने कितनी ही बार इस मंदिर को नष्ट करने की कोशिश की, लेकिन हर बार भारत की सांस्कृतिक चेतना और अधिक गौरव के साथ पुनर्जीवित हुई।" उन्होंने सोमनाथ को भारत के स्वाभिमान और अजेय शक्ति का पर्याय बताया।
युवा पीढ़ी को विरासत से जोड़ने का प्रयास
समारोह के दौरान जिलाध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संदेश है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि सोमनाथ हमें सिखाता है कि चुनौतियां कितनी भी बड़ी क्यों न हों, यदि नींव में आत्मविश्वास और ईश्वर के प्रति अटूट आस्था हो, तो पुनर्निर्माण निश्चित है। यह पर्व देशवासियों को अपनी जड़ों और गौरवशाली अतीत से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।
विकास और संस्कृति का संगम
सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में आज देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को संवारने के साथ-साथ विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आज समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत की पहचान एक ऐसे राष्ट्र के रूप में हो रही है जो आधुनिकता के साथ-साथ अपनी परंपराओं का भी सम्मान करना जानता है।
कलश यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई गुजरी, जहां स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर यात्रियों का अभिनंदन किया। जय शिव और हर-हर महादेव के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज उठा।