Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को लगेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, भूलकर भी न करें ये गलतियां
Feb 26, 2026 12:28 PM
साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर लगने जा रहा है। हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में लोग इस खगोलीय और धार्मिक घटना को लेकर सतर्क हो गए हैं। अक्सर ग्रहण के समय लोगों के मन में यह उलझन रहती है कि क्या इस दौरान घर से बाहर निकलना या सफर करना सुरक्षित है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण को एक बेहद संवेदनशील समय माना गया है, जिसका सीधा असर आम इंसान के जीवन, नौकरी-पेशा और दिनचर्या पर पड़ता है।
सूतक काल में क्यों होती है यात्रा की मनाही
चंद्र ग्रहण शुरू होने से ठीक 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल लगते ही सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और हर तरह के शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इस दौरान किसी भी तरह की नई यात्रा, विवाह, खरीदारी या व्यापारिक शुरुआत को पूरी तरह से वर्जित माना गया है।
सूतक काल को हिंदू शास्त्रों में संयम और साधना का विशेष समय बताया गया है। पौराणिक कथाओं के अनुसार जब राहु और केतु चंद्रमा को ग्रसते हैं, तो पूरे वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा का संचार काफी तेजी से बढ़ जाता है। यही कारण है कि इस समय घर में रहकर केवल ईश्वर का ध्यान और मंत्र जाप करने की सलाह दी जाती है।
ग्रहण काल में सफर करने के नुकसान
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण के दौरान यात्रा करने से सख्त बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस समय ब्रह्मांड में मौजूद नकारात्मक कंपन सीधे तौर पर इंसान की मानसिक शांति और एकाग्रता को भंग करते हैं। एकाग्रता बिगड़ने से सड़क पर दुर्घटना होने या सफर में अनावश्यक बाधाएं आने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
अगर आप किसी नई नौकरी, महत्वपूर्ण बिजनेस मीटिंग या लंबे सफर पर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो इसे ग्रहण खत्म होने तक टाल देना ही बेहतर है। किसी भी यात्रा को हिंदू धर्म में एक शुभ शुरुआत माना जाता है और ग्रहण काल में की गई शुभ शुरुआत के परिणाम अक्सर निराशाजनक ही साबित होते हैं।
जरूरी हो सफर तो अपनाएं ये अचूक उपाय
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई बार अचानक ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं कि यात्रा को टालना नामुमकिन हो जाता है। अगर आपको मेडिकल इमरजेंसी या किसी बेहद जरूरी काम से बाहर निकलना ही पड़े, तो शास्त्रों में इसके लिए कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं। घर की दहलीज पार करने से पहले अपने इष्ट देव का स्मरण जरूर करें।
सफर पूरा करके जब आप वापस लौटें, तो घर में प्रवेश करने के बाद सबसे पहले स्नान करें। साफ कपड़े पहनकर पूजा-पाठ करें और अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों को कुछ दान दें। ऐसा करने से ग्रहण के दौरान पैदा हुई नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव काफी हद तक खत्म हो जाता है।