Search

3 March Lunar Eclipse: कल लग रहा है साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें भारत में कितने बजे दिखेगा?

Mar 02, 2026 11:38 AM

3 March Lunar Eclipse: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण कल यानी मंगलवार, 3 मार्च को आसमान में एक अद्भुत खगोलीय घटना के रूप में दर्ज होने वाला है। होली से ठीक पहले लगने वाले इस पूर्ण चंद्र ग्रहण का प्रभाव भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में देखा जाएगा। भारतीय समयानुसार दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक चलने वाले इस ग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 बजे से ही लागू हो जाएगा। सूतक काल के कारण दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत पूरे उत्तर भारत में मंदिरों के कपाट सुबह से ही बंद कर दिए जाएंगे।

भारत में कितने बजे दिखेगा चंद्र ग्रहण?

भारत में यह चंद्र ग्रहण शुरू से अंत तक अपने पूर्ण स्वरूप में नहीं दिखेगा, क्योंकि ग्रहण शुरू होने के समय देश में दिन रहेगा। शाम 6:26 बजे जब चंद्रमा क्षितिज पर उदित होगा, तब भारतीय लोग इस ग्रहण का अंतिम चरण अपनी आंखों से देख पाएंगे। ग्रहण का सबसे स्पष्ट और प्रभावशाली दृश्य शाम 6:33 से 6:40 के बीच केवल सात मिनट तक नजर आएगा।

शाम 6:47 बजे यह खगोलीय घटना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। पूर्वोत्तर राज्यों में चंद्रमा थोड़ा पहले उदित होता है, इसलिए वहां के लोग उत्तर भारत के मुकाबले इसे कुछ अधिक समय तक देख सकेंगे। बाकी राज्यों में लोगों को केवल अंतिम 20 से 25 मिनट ही यह दुर्लभ दृश्य दिखाई देगा।

सूतक काल का समय और आम जनजीवन पर प्रभाव

सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है। 3 मार्च की सुबह 6:20 बजे सूतक काल लगते ही देश भर के प्रमुख मंदिरों में दर्शन रोक दिए जाएंगे और धार्मिक कार्यों पर पाबंदी लग जाएगी। शाम 6:47 बजे ग्रहण के मोक्ष यानी समाप्ति के बाद ही मंदिरों की साफ-सफाई होगी और पूजा-पाठ दोबारा शुरू किया जाएगा।

आम लोगों की दिनचर्या पर भी इस ग्रहण का सीधा असर पड़ेगा। सूतक काल के दौरान शुभ कार्यों की सख्त मनाही होती है। ग्रहण के बाद स्नान और दान करने की पुरानी परंपरा है, जिसका पालन कल शाम 6:47 बजे के बाद किया जा सकेगा।

आसमान में दिखेगा 'ब्लड मून' का दुर्लभ नजारा

कल शाम जब चंद्रमा उदित होगा, तो उस पर पृथ्वी की घनी छाया पड़ी होगी। इस छाया के कारण चांद का रंग थोड़ा भूरा या गहरा लाल दिखाई देगा। खगोल विज्ञान की भाषा में इसे 'ब्लड मून' कहा जाता है।

इस प्राकृतिक घटना को देखने के लिए किसी विशेष उपकरण या टेलीस्कोप की जरूरत नहीं है। मौसम साफ रहने पर लोग अपने घरों की छतों से नंगी आंखों से इसे आसानी से देख सकते हैं। बस शाम 6:26 बजे पूर्व दिशा की ओर नजर बनाए रखनी होगी, जब चंद्रमा क्षितिज पर नजर आएगा।

You may also like:

Please Login to comment in the post!