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फरीदाबाद में 'धक्का-मार' स्वास्थ्य सेवाएं: सिविल अस्पताल की एम्बुलेंस का वायरल वीडियो

May 14, 2026 3:26 PM

फरीदाबाद। एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को हाई-टेक बनाने के दावे कर रही है, तो दूसरी तरफ फरीदाबाद के सबसे बड़े नागरिक अस्पताल की हकीकत इन दावों की हवा निकाल रही है। मंगलवार शाम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से घूम रहा है, जिसमें अस्पताल के कर्मचारी पूरी ताकत झोंककर एक एम्बुलेंस को धक्का लगा रहे हैं ताकि उसे स्टार्ट किया जा सके। विडंबना देखिए, यह वही एम्बुलेंस है जिसका जिम्मा गंभीर मरीजों को 'गोल्डन ऑवर' में बड़े अस्पतालों तक पहुंचाना है। अब सवाल यह है कि जो गाड़ी खुद धक्कों के सहारे चल रही है, वह किसी मरणासन्न मरीज के लिए जीवनदायिनी कैसे साबित होगी?

निरीक्षण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति?

इस घटना ने प्रशासनिक सतर्कता की भी पोल खोल दी है। महज एक दिन पहले ही आला अधिकारियों ने इसी अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया था और खामियों को सुधारने के कड़े निर्देश दिए थे। अधिकारियों के जाते ही एम्बुलेंस की यह स्थिति बताती है कि निरीक्षण के दौरान या तो इन लाइफ-सपोर्ट गाड़ियों की जांच ही नहीं की गई, या फिर अस्पताल प्रशासन अधिकारियों की चेतावनी को ठेंगे पर रखता है। यह लापरवाही तब है जब जिले के स्वास्थ्य ढांचे का पूरा दारोमदार इसी अस्पताल पर टिका हुआ है।

जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ता विभाग

जब इस वायरल वीडियो और बदहाल व्यवस्था को लेकर हरियाणा के स्वास्थ्य महानिदेशक मनीष बंसल से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने बड़ी सादगी से कह दिया कि उन्हें इस मामले की जानकारी ही नहीं है। विभाग के मुखिया का यह अनजान बने रहना चौंकाने वाला है। सवाल उठना लाजमी है कि अगर राज्य के सर्वोच्च पदों पर बैठे अधिकारियों को ही जमीनी हकीकत का इल्म नहीं होगा, तो सुधार की उम्मीद किससे की जाए?

मरीजों की जान के साथ खिलवाड़

अस्पताल में आने वाले लोगों का कहना है कि यह सिर्फ एक वीडियो की बात नहीं है, यहाँ की मशीनरी अक्सर दगा दे जाती है। अगर किसी मरीज को कार्डियक अरेस्ट या कोई अन्य इमरजेंसी हो और एम्बुलेंस स्टार्ट न हो, तो मिनटों की देरी मौत का सबब बन सकती है। फिलहाल, यह वीडियो सामने आने के बाद शहर के सामाजिक संगठनों और आम जनता में खासा रोष है। अब देखना यह होगा कि फरीदाबाद का स्वास्थ्य विभाग इस 'धक्का-मार' सिस्टम को कब दुरुस्त करता है या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा।

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