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सूरजकुंड मेला हादसा: हरियाणा सरकार सूरजकुंड हादसे के बाद देश की पहली झूला नीति बनाएगी

Feb 11, 2026 4:31 AM

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कहा कि हरियाणा सरकार मेले और झूलों को विनियमित करने के लिए देश की पहली व्यापक नीति तैयार करेगी। यह फैसला फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में पिछले शनिवार को झूला गिरने की घटना के कुछ दिनों बाद लिया गया है। यह हादसा उस वक्त हुआ जब तेज रफ्तार पेंडुलम झूला एक तरफ झुक गया और जमीन पर गिर गया। इस झूले में कम से कम 19 लोग सवार थे। मेले में ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक जगदीश प्रसाद (59) की फंसे हुए लोगों को बचाने के प्रयास में मौत हो गयी। इस हादसे में बारह लोग घायल हो गए। सैनी ने पत्रकारों से कहा, "हमने एक व्यापक नीति बनाने का फैसला किया है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। यह देश में इस तरह की यह पहली नीति होगी।"


मुख्यमंत्री ने झूला गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और अधिकारियों को मेले एवं अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता और सभी घायलों के मुफ्त इलाज की भी घोषणा की। हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने निरीक्षक प्रसाद के परिवार के लिए एक करोड़ रुपये के मुआवजे, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और जान गंवाने वाले निरीक्षक को शहीद का दर्जा देने की घोषणा की है। रविवार को झूले के संचालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

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