युद्ध के बीच फतेहाबाद के दो जांबाज: समंदर पार से 92 हजार टन LPG लेकर आ रहे कृष्ण और अनिल
Mar 16, 2026 5:24 PM
फतेहाबाद। देश इस समय एलपीजी की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों से जूझ रहा है, लेकिन इसे दूर करने के लिए पर्दे के पीछे जो संघर्ष चल रहा है, उसकी कमान फतेहाबाद के इन दो सपूतों के हाथों में है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच, भारतीय ध्वज वाले दो बड़े मालवाहक जहाज—नंदा देवी और शिवालिक—ईरान और कतर के समुद्री क्षेत्रों से गैस भरकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
इन जहाजों पर सवार कृष्ण गोदारा और अनिल भांभू न केवल अपनी पेशेवर दक्षता दिखा रहे हैं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन दोनों जहाजों में कुल मिलाकर 92,000 टन से अधिक एलपीजी लदी हुई है। यह मात्रा इतनी बड़ी है कि इसके पहुंचने के बाद देश के घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को गैस की किल्लत से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मौत को मात देकर 'होर्मुज' पार
इन जहाजों का सफर आसान नहीं था। उन्हें 'होर्मुज मार्ग' से गुजरना था, जो वर्तमान में वैश्विक तनाव का सबसे संवेदनशील केंद्र बना हुआ है। युद्ध के साये में इस संकरे समुद्री रास्ते को पार करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। लेकिन भारतीय नौसेना और शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के बेहतरीन तालमेल और अत्याधुनिक तकनीक के सहारे इन युवाओं ने इस बाधा को पीछे छोड़ दिया है। अब ये जहाज सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाहों की ओर अग्रसर हैं।
परिवार को डर, पर देश को फख्र
फतेहाबाद के इन होनहारों की बहादुरी की चर्चा पूरे जिले में है। परिजनों ने बताया कि जब टीवी और समाचारों में युद्ध और जहाजों पर हमलों की खबरें आती हैं, तो मन दहल जाता है। शुरुआत में परिवार काफी डरा हुआ था, लेकिन जब बेटों से बात हुई और उन्होंने अपने हौसले का परिचय दिया, तो डर गर्व में बदल गया। कृष्ण और अनिल ने अपने संदेश में बताया कि भारतीय नौसेना लगातार उनके संपर्क में है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि फतेहाबाद के युवाओं ने साबित कर दिया है कि वे केवल खेती या खेल में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के आर्थिक और ऊर्जा हितों की रक्षा में भी अग्रणी हैं।