फतेहाबाद सनसनी: शादी से 3 दिन पहले मिला लापता वीरसा का कंकाल, कान की बाली से हुई पहचान।
May 07, 2026 12:15 PM
फतेहाबाद । हरियाणा के फतेहाबाद जिले में एक सनसनीखेज वाकये ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुनानकपुरा पुलिस चौकी के महज कुछ ही कदमों की दूरी पर झाड़ियों से एक युवक का नरकंकाल बरामद हुआ है। 1 मई को इसी चौकी के पास एक खोपड़ी मिली थी, जिसका धड़ अब मिला है। शिनाख्त में सामने आया है कि यह अवशेष गांव अहरवां निवासी 21 वर्षीय वीरसा सिंह के हैं। वीरसा पिछले 16 दिनों से लापता था और घर में उसकी शादी की तैयारियां चल रही थीं। 4 मई को उसकी शादी होनी तय हुई थी, लेकिन सिर पर सेहरा सजने से पहले ही युवक की दर्दनाक अंत की कहानी सामने आ गई।
कान की बाली ने खोला पहचान का राज, भाई ने खुद तलाशा धड़
पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मृतक के भाई गुरसेवक ने बताया कि जब पुलिस ने कोई पुख्ता कार्रवाई नहीं की, तो उन्होंने खुद झाड़ियों में तलाश शुरू की। जिसके बाद बिना गर्दन का धड़ बरामद हुआ। पुलिस ने जब 1 मई को मिली खोपड़ी की तस्वीर दिखाई, तो परिजनों ने वीरसा के कान में पहने कुंडल से उसकी पहचान की। बताया जा रहा है कि वीरसा 19 अप्रैल को घर से महज 10 रुपये लेकर निकला था और अपना फोन भी घर ही छोड़ गया था। तभी से परिवार दर-दर की ठोकरें खा रहा था।
नशे की लत और लिव-इन का पेच: हत्या की आशंका
मृतक वीरसा के भाई ने संगीन आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ युवक उसे नशा करवाते थे और उन्हें शक है कि उन्हीं साथियों ने मिलकर वीरसा की हत्या की है। गौरतलब है कि वीरसा मोहम्मदपुर सोत्तर की एक युवती के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। शुरुआत में अनबन के बाद अब दोनों परिवारों ने रजामंदी दे दी थी और 4 मई को पूरे रीति-रिवाज से उनकी शादी होनी थी। घर में खुशियों का माहौल था, जो अब चीख-पुकार में बदल चुका है।
डीएनए रिपोर्ट का इंतजार, सदर थाना पुलिस करेगी जांच
मामला पेचीदा है क्योंकि कंकाल शहरी सीमा में मिला है, लेकिन गुमशुदगी की रिपोर्ट सदर थाने में दर्ज थी, इसलिए अब सदर थाना पुलिस ही इस मामले की कमान संभालेगी। थाना प्रभारी प्रहलाद सिंह का कहना है कि हालांकि परिजनों ने शिनाख्त कर ली है, लेकिन कानूनी पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट जरूरी है। इसके लिए अवशेष अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। पुलिस अब उन संदिग्ध दोस्तों की कुंडली खंगाल रही है, जो वीरसा के साथ उठते-बैठते थे।