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दिल्ली मालवीय नगर अग्निकांड: हादसे में उजड़ा गुरुग्राम का अग्रवाल परिवा, बीमार पिता से मिलने आए थे, पांच सदस्यों की मौत

Jun 04, 2026 11:04 AM

गुरुग्राम: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में लगी भीषण आग ने गुरुग्राम के एक पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में गुरुग्राम के सेक्टर-46 निवासी विवेक अग्रवाल, उनकी पत्नी तर्जनी अग्रवाल, मां प्रेमलता अग्रवाल और दोनों बेटियां जीविशा व वारिया की मौत हो गई। परिवार दिल्ली के साकेत स्थित अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग राधेश्याम अग्रवाल का हालचाल जानने आया था। होटल में ठहरने के दौरान हुई इस दुर्घटना ने परिवार के पांच सदस्यों की जान ले ली और पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया।

जानकारी के अनुसार विवेक अग्रवाल अपने पिता राधेश्याम अग्रवाल के इलाज के लिए दिल्ली आए थे। राधेश्याम अग्रवाल साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार चल रहा है। परिवार अस्पताल के पास रहने के लिए मालवीय नगर स्थित होटल में ठहरा था। बताया जा रहा है कि परिवार के अन्य रिश्तेदार भी दिल्ली पहुंचे हुए थे। सभी का उद्देश्य अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग सदस्य का हाल जानना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करना था। लेकिन अचानक हुए अग्निकांड ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया।

वित्तीय क्षेत्र में स्थापित थे विवेक अग्रवाल

विवेक अग्रवाल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट थे और एक निजी कंपनी में फाइनेंशियल हेड के पद पर कार्यरत थे। उनके परिचितों के अनुसार वह अपने पेशे में दक्ष होने के साथ-साथ व्यवहार कुशल व्यक्ति भी थे। गुरुग्राम के सेक्टर-46 में रहने वाले लोग उन्हें मिलनसार और मददगार स्वभाव के लिए जानते थे। पड़ोसियों का कहना है कि विवेक हमेशा सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे और जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आते थे।

हादसे में जान गंवाने वाली तर्जनी अग्रवाल इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र से जुड़ी थीं। इसके अलावा वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती थीं और वंचित बच्चों के लिए एक गैर-सरकारी संगठन संचालित करती थीं। तर्जनी ने वर्ष 2023 में 'मिसेज इंडिया' प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया था। मॉडलिंग और इवेंट इंडस्ट्री में उनकी अलग पहचान थी। उनके करीबी बताते हैं कि पेशेवर उपलब्धियों के बावजूद परिवार उनके जीवन की सबसे बड़ी प्राथमिकता था।

दादा से मिलने बेंगलुरु से आई थीं जीविशा

परिवार की बड़ी बेटी जीविशा बेंगलुरु में बीटेक की पढ़ाई कर रही थीं। दादा की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर वह विशेष रूप से दिल्ली पहुंची थीं। छोटी बेटी वारिया भी परिवार के साथ थी। रिश्तेदारों के अनुसार दोनों बहनों का अपने दादा से बेहद लगाव था। परिवार के लोग अस्पताल जाकर उनसे मिलकर लौटे थे और उनके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद कर रहे थे। इसी दौरान होटल में यह हादसा हो गया।

हादसे के बाद गुरुग्राम के सेक्टर-46 स्थित अग्रवाल परिवार के घर पर शोक का माहौल है। घर के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है और पड़ोसी इस त्रासदी पर दुख व्यक्त कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले तक हंसता-खेलता परिवार सामान्य जीवन जी रहा था। परिवार को जानने वाले लोगों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि एक ही घटना में पांच सदस्यों की जान चली गई। पूरे क्षेत्र में इस हादसे की चर्चा है और लोग परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।

अग्निकांड की जांच में जुटी एजेंसियां

दिल्ली में हुए इस अग्निकांड की जांच संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। आग लगने के कारणों और सुरक्षा इंतजामों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों की ओर से विस्तृत जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आएगी। इस बीच अस्पताल में भर्ती राधेश्याम अग्रवाल का उपचार जारी है। परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें अभी पूरे हादसे की जानकारी नहीं दी गई है।

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