मानेसर ब्रेकिंग: श्रमिकों पर लाठीचार्ज से भड़की हिंसा, पुलिस की बाइक फूंकी, एक घायल
Apr 09, 2026 1:26 PM
गुरुग्राम। गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर में पिछले कई दिनों से सुलग रही असंतोष की चिंगारी गुरुवार को भीषण ज्वाला में बदल गई। अपनी मांगों को लेकर अड़े संविदा कर्मचारियों और पुलिस के बीच आज सीधा टकराव देखने को मिला। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में पहले ही धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू की गई थी, लेकिन सुबह होते ही हजारों की संख्या में श्रमिक फिर से कंपनियों के गेट पर जुटना शुरू हो गए। जब पुलिस ने उन्हें वहां से हटने की चेतावनी दी और भीड़ टस से मस नहीं हुई, तो पुलिस ने लाठीचार्ज का सहारा लिया। लाठीचार्ज होते ही पूरे औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई।
सिर फटा, बहने लगा खून; अस्पताल में भर्ती
पुलिस की कार्रवाई इतनी अचानक और सख्त थी कि कई कर्मचारियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चश्मदीदों के मुताबिक, लाठीचार्ज के दौरान एक श्रमिक के सिर पर गंभीर चोट लगी, जिससे मौके पर ही काफी खून बह गया। घायल कर्मचारी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। इस घटना के बाद श्रमिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और शांतिपूर्ण कहा जाने वाला प्रदर्शन देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गया।
आक्रोशित भीड़ ने फूंकी पुलिस की बाइक
लाठीचार्ज के जवाब में प्रदर्शनकारियों ने भी कड़ा रुख अख्तियार किया। पुलिस द्वारा खदेड़े जाने से नाराज कुछ युवाओं ने मौके पर खड़ी पुलिस की एक मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया। कुछ ही पलों में बाइक धू-धू कर जलने लगी, जिससे इलाके में धुएं का गुबार और तनाव और बढ़ गया। पुलिस को स्थिति पर काबू पाने के लिए अतिरिक्त कुमुक बुलानी पड़ी। फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल की तैनाती है।
हक की लड़ाई या कानून का उल्लंघन?
श्रमिकों का कहना है कि वे केवल अपने हक—वेतन बढ़ोतरी और कच्चे कर्मियों को पक्का करने—की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनकी बात सुनने के बजाय बलपूर्वक उन्हें दबाने की कोशिश कर रहा है। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का तर्क है कि जब इलाके में धारा 163 लागू है, तो सामूहिक रूप से इकट्ठा होना गैर-कानूनी है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया, लेकिन आगजनी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अब सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।