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हरियाणा लाडो लक्ष्मी योजना: अब 1.80 लाख आय वाले परिवारों को भी मिलेंगे हर महीने 2100 रुपये

Apr 09, 2026 12:41 PM

हरियाणा।  हरियाणा की आधी आबादी को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी 'लाडो लक्ष्मी योजना' का दायरा बढ़ा दिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट की अहम बैठक में सरकार ने उन परिवारों की महिलाओं को भी इस योजना से जोड़ने का फैसला किया है, जिनकी सालाना आय 1.80 लाख रुपये तक है। मुख्यमंत्री ने पिछले महीने विधानसभा बजट सत्र के दौरान इस आय सीमा को बढ़ाने का जो वादा किया था, उसे अब कैबिनेट की मंजूरी के साथ अमलीजामा पहना दिया गया है। इस फैसले के बाद प्रदेश की लाखों नई लाभार्थी महिलाएं इस सरकारी कवच के दायरे में आ जाएंगी।

पैसे के साथ बचत की भी गारंटी: कैसे मिलेगा 2,100 रुपये का लाभ?

इस योजना की सबसे अनूठी बात इसकी वितरण प्रणाली है। सरकार पात्र महिलाओं के बैंक खातों में कुल 2,100 रुपये की मासिक किस्त डालती है, लेकिन यह पूरी राशि एक साथ खर्च करने के लिए नहीं होती। इसमें से 1,100 रुपये महिला के बचत खाते में जमा किए जाते हैं, जिसे वह अपनी तात्कालिक जरूरतों के लिए हर महीने निकाल सकती है। वहीं, शेष 1,000 रुपये सावधि बैंक खाते यानी आरडी (RD) में जमा होते हैं। यह आरडी खाता 5 साल के लिए संचालित किया जाता है, जिससे एक निश्चित समय के बाद महिलाओं के हाथ में एक मुश्त मोटी रकम आती है, जो उनके भविष्य या बच्चों की जरूरतों के काम आ सके।

मेधावी छात्रों की माताओं को विशेष सम्मान

सरकार ने केवल गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली महिलाओं को ही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों के परिवारों को भी प्रोत्साहित किया है। संशोधित नियमों के मुताबिक, जिन बच्चों ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए हैं, उनकी माताओं को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है, बशर्ते उनकी पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो। यह कदम समाज में बेटियों और बेटों की पढ़ाई के प्रति एक सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

हरियाणा दिवस से शुरू हुआ था सफर

गौरतलब है कि दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत पिछले साल 25 सितंबर को की गई थी और इसकी पहली किस्त 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के ऐतिहासिक मौके पर जारी हुई थी। शुरुआत में इसकी पात्रता सीमा केवल 1 लाख रुपये थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 1.40 लाख किया गया और अब इसे 1.80 लाख रुपये तक विस्तार दे दिया गया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य अंत्योदय की भावना से काम करना है, ताकि अंतिम पंक्ति में खड़ी महिला तक भी विकास की रोशनी और आर्थिक सुरक्षा पहुंच सके।

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