Haryana weather update: सिरसा में भारी ओलावृष्टि, हिसार में चली आंधी; अगले 3 दिन 15 जिलों में यलो अलर्ट
Jun 18, 2026 3:47 PM
हरियाणा। भीषण गर्मी और रिकॉर्डतोड़ लू के थपेड़ों से बेहाल हरियाणा को कुदरत ने बड़ी राहत दी है। गुरुवार की दोपहर होते-होते प्रदेश के आसमान पर काले बादलों का डेरा जमा होने लगा और देखते ही देखते कई जिलों में तेज अंधड़ के साथ मौसम का मिजाज बदल गया। सिरसा और उसके आसपास के इलाकों में तो प्रकृति का उग्र रूप देखने को मिला, जहां गरज-चमक के साथ न सिर्फ मूसलाधार बारिश हुई, बल्कि जमकर ओले भी गिरे। वहीं, हिसार के शहरी और ग्रामीण आंचल में धूलभरी हवाओं के चलने से दिन के पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने इस मौसमी बदलाव को देखते हुए 15 जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है।
साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ का डबल अटैक
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस अचानक आए बदलाव के पीछे दो बड़े कारण एक साथ काम कर रहे हैं। पहला तो यह कि पहाड़ों की तरफ एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ रहा है, और दूसरा, पड़ोसी राज्य राजस्थान व पंजाब के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र) सक्रिय हो गया है। इन दोनों प्रणालियों के आपस में मिलने की वजह से अरब सागर से आ रही नमी सीधे हरियाणा के मैदानी इलाकों को प्रभावित कर रही है। यही कारण है कि सूबे में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है।
23 जून तक तीन चरणों में बरसेगा पानी: क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि हरियाणा में आगामी 23 जून तक मौसम पूरी तरह परिवर्तनशील बना रहेगा। उनके आकलन के अनुसार:
पहला चरण (18 जून की रात से 20 जून): राजस्थान से सटे जिलों और मध्य हरियाणा के ज्यादातर हिस्सों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होगी।
दूसरा चरण (21 जून): उत्तरी हरियाणा के कुछ सीमित हिस्सों (जैसे अंबाला, पंचकूला) में आंशिक बादल छाए रहेंगे और छिटपुट बौछारें गिर सकती हैं।
तीसरा चरण (22 व 23 जून): एक और नया पश्चिमी विक्षोभ आंशिक रूप से सक्रिय होगा, जिससे राज्य में दोबारा गरज-चमक के साथ बारिश का दौर लौटेगा। इससे दिन के तापमान में तो बहुत फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन रातें काफी ठंडी हो जाएंगी।
तापमान का गणित: उमस बढ़ी लेकिन लू से मिली तसल्ली
अगर तापमान के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बारिश होने से ठीक पहले तक धूप खिली रहने के चलते मंगलवार के मुकाबले औसत अधिकतम तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस का उछाल आया था, जिससे भिवानी में पारा 39.5 डिग्री और अंबाला-रोहतक में 39.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। हालांकि, हिसार और नारनौल जैसे इलाकों में यह अभी भी सामान्य से काफी नीचे बना हुआ है। राहत की सबसे बड़ी बात न्यूनतम यानी रात के तापमान में दिख रही है। नारनौल में रात का पारा सामान्य से करीब 5 डिग्री लुढ़ककर 20.0 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है, जिसने लोगों को एयर कंडीशनर (AC) और कूलरों के बिना भी चैन की नींद सोने का मौका दिया है।