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Haryana Weather Update: हरियाणा के 10 जिलों में आंधी के साथ झमाझम बारिश, गर्मी से राहत लेकिन फतेहाबाद अस्पताल में भरा पानी

Jun 16, 2026 5:57 PM

तपती ढलती गर्मियों के बीच मंगलवार को हरियाणा के एक बड़े हिस्से को कुदरत ने बड़ी राहत दी, लेकिन इस राहत के साथ आई तेज आंधी और झमाझम बारिश ने शहरी ड्रेनेज सिस्टम और प्रशासनिक तैयारियों के दावों की बखिया उधेड़ कर रख दी। सूबे के 10 प्रमुख जिलों—गुरुग्राम, सोनीपत, हिसार, महेंद्रगढ़, हांसी, कैथल, रोहतक, भिवानी, रेवाड़ी और फतेहाबाद में दोपहर होते-होते आसमान में काली घटाएं छा गईं और देखते ही देखते धूलभरी आंधी के साथ मानसूनी बौछारें पड़ने लगीं। इस मौसमी बदलाव से पारा भले ही गोता खा गया, लेकिन आम जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।

हांसी में पानी-पानी हुई आस्था, फतेहाबाद में ₹6 करोड़ का रेनोवेशन बहा

बारिश के बाद की जो तस्वीरें सामने आईं, वे स्थानीय प्रशासन को असहज करने वाली हैं। हांसी के बड़सी गेट स्थित ऐतिहासिक श्याम मंदिर से एक धार्मिक कलश यात्रा निकाली जा रही थी। लेकिन ड्रेनेज चोक होने के कारण सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिसके चलते महिलाओं को उसी गंदे पानी के बीच से गुजरने को मजबूर होना पड़ा।

प्रशासनिक लापरवाही का इससे भी बड़ा नमूना फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में देखने को मिला। हाल ही में इस सरकारी अस्पताल की सूरत बदलने के नाम पर ₹6 करोड़ की भारी-भरकम राशि फूंक दी गई थी, लेकिन पहली ही तगड़ी बारिश में बकायदा डॉक्टरों के केबिन और कमरों में छत से पानी टपकने लगा और फर्श तालाब बन गया। डॉक्टर कुर्सी-मेज छोड़कर पानी सुखाने की जुगत में लगे दिखे।

सिरसा में मलबे में दबे 21 मवेशी, हांसी की गोशाला का सोलर प्लांट तबाह

इस आसमानी आफत ने मूक पशुओं को भी खासा नुकसान पहुंचाया। सिरसा के जोगीवाला गांव से एक डरावनी खबर आई, जहां तेज आंधी के दबाव को एक मकान में बनी पशु डेयरी की छत बर्दाश्त नहीं कर पाई और भरभराकर ढह गई। छत गिरते ही वहां बांधी गई 21 गाय और भैंसें मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गईं। गनीमत रही कि हादसे की आवाज सुनकर पूरे ग्रामीण लाठियां और फावड़े लेकर मौके पर दौड़े और अपनी जान पर खेलकर मलबे को हटाकर सभी मवेशियों को सकुशल बाहर निकाल लिया, हालांकि कुछ पशुओं को गंभीर चोटें आई हैं।

उधर, हांसी में साल 1912 से संचालित तोशाम रोड स्थित ऐतिहासिक श्री हरियाणा गोशाला में प्रकृति का कहर बरपा। चक्रवाती आंधी के कारण गोशाला के कई विशाल टीन-शेड और चारा गोदामों के पक्के शेड उखड़कर हवा में तैर गए। बिजली के खंभे और तार टूट गए, जिससे पूरी विद्युत व्यवस्था ठप हो गई। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब गोशाला परिसर में लगा 20 किलोवाट क्षमता का आलीशान सोलर प्लांट पूरी तरह टूटकर कबाड़ में तब्दील हो गया।

40 डिग्री के नीचे आया पारा, मौसम विभाग की चेतावनी— अभी 3 दिन और बरसेगा पानी

मौसम के मिजाज की बात करें तो पिछले 24 घंटों में सूबे के औसत अधिकतम तापमान में 0.8°C की गिरावट आई है। राहत की बात यह है कि पूरे प्रदेश में पारा 40 डिग्री के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया है। मंगलवार को फरीदाबाद 39.2°C के साथ सबसे गर्म इलाका रहा, जबकि साइबर सिटी गुरुग्राम में तापमान 36.2°C और हिसार में 36.9°C दर्ज किया गया। सिरसा में सबसे ज्यादा 19 MM बारिश रिकॉर्ड की गई है।

पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के एक्टिव होने से रात के न्यूनतम तापमान में भी 1.5°C से 3.1°C तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे देर शाम चलने वाली ठंडी हवाओं ने उमस और चिपचिपी गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दी है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले तीन दिनों तक राज्य के सभी 23 जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसे देखते हुए 'यलो अलर्ट' बरकरार रखा गया है।

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