Uchana Municipal Council Raid: उचाना नपा सचिव अशोक डांगी रिश्वत लेते गिरफ्तार, ₹16 लाख के बिल के लिए मांगा था कमीशन
Jun 16, 2026 6:46 PM
जींद/उचाना। सरकारी महकमों में फैले 'कमीशनराज' और बाबूशाही के अहंकार पर चोट करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की हिसार टीम ने मंगलवार दोपहर बाद उचाना में एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। उचाना नगर पालिका कार्यालय में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक धमकती हुई एसीबी की टीम ने नगर पालिका सचिव अशोक डांगी को ₹32,000 की रिश्वत की रकम जेब में डालते ही रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी अधिकारी विकास कार्यों के भुगतान की फाइल पर कुंडली मारकर बैठा था और बिना 'सेवा-पानी' के आगे बढ़ने को तैयार नहीं था।
ठेकेदार की ईमानदारी और एसीबी का बिछाया जाल
इस पूरी कार्रवाई की कमान संभाल रहे हिसार एसीबी के इंचार्ज महेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें उचाना के रहने वाले एक सरकारी ठेकेदार सुरेंद्र ने लिखित शिकायत दी थी। सुरेंद्र ने हाल ही में नगर पालिका क्षेत्र के भीतर करीब ₹16 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्य पूरे किए थे। नियम के मुताबिक काम पूरा होने के बाद उनके भुगतान के बिल पास होने थे, लेकिन नगर पालिका सचिव अशोक डांगी जानबूझकर इस फाइल को अटकाए हुए थे। सुरेंद्र जब भी अपने पैसों के लिए चक्कर काटता, सचिव साहब साफ तौर पर कुल राशि का दो प्रतिशत यानी ₹32,000 बतौर कमीशन एडवांस देने का दबाव बनाते।
ठेकेदार सुरेंद्र ने इस सिस्टम के आगे घुटने टेकने के बजाय भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ने की ठानी और सीधा हिसार एसीबी दफ्तर पहुंचकर पूरी कहानी बयां कर दी। शिकायत की तस्दीक करने के बाद एसीबी की टीम ने तुरंत जाल बिछाया।
₹500 के 64 नोट और रंगे हाथों गिरफ्तारी का पूरा ड्रामा
योजना के मुताबिक, मंगलवार को सुरेंद्र को केमिकल लगे नोटों के साथ सचिव अशोक डांगी के पास भेजा गया। जैसे ही नगर पालिका कार्यालय में सुरेंद्र ने सचिव को ₹500-500 के कुल 64 नोट (₹32,000) थमाए, वैसे ही पहले से ही सादे कपड़ों में मुस्तैद एसीबी की टीम ने कमरा नंबर एक में धावा बोल दिया।
अचानक हुई इस छापेमारी से सचिव डांगी के चेहरे का रंग उड़ गया। जब टीम ने डांगी के हाथ धुलवाए, तो पानी का रंग लाल हो गया, जिससे यह साफ हो गया कि रिश्वत के नोट उन्हीं के हाथों से गुजरे थे। टीम ने मौके से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है और दफ्तर के कई जरूरी दस्तावेजों को भी अपने कब्जे में ले लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद उचाना और जींद के प्रशासनिक हल्कों में सन्नाटा पसरा हुआ है, वहीं ठेकेदारों और आम जनता ने इस कार्रवाई की सराहना की है। पुलिस अब आरोपी सचिव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।