Naveen Jindal Foundation: पिहोवा के नानकपुरा और चुनियां फार्म में मुफ्त मेडिकल कैंप, जिंदल वैन से हुआ 50 ग्रामीणों का इलाज
Jun 16, 2026 6:31 PM
पिहोवा। कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक मुफ्त इलाज पहुंचाने की मुहिम रंग ला रही है। इसी कड़ी में नवीन जिंदल फाउंडेशन की मोबाइल मेडिकल वैन मंगलवार को पिहोवा के सुदूरवर्ती गांवों—नानकपुरा और चुनियां फार्म पहुंची। फाउंडेशन की ओर से आयोजित इन निशुल्क चिकित्सा शिविरों का मुख्य उद्देश्य उन ग्रामीणों तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह पहुंचाना था, जो अक्सर दूरी या आर्थिक तंगी के चलते अस्पताल जाने में संकोच करते हैं।
डॉ. पूर्ण मल के नेतृत्व में आई मेडिकल टीम ने दोनों ही जगहों पर मुस्तैदी से मोर्चा संभाला। शिविर के दौरान न केवल लोगों के बीपी, शुगर और सामान्य मौसमी बीमारियों की जांच की गई, बल्कि गंभीर लक्षणों वाले मरीजों के मौके पर ही लैब टेस्ट भी किए गए।
आंकड़ों में समझिए स्वास्थ्य सेवा का दायरा
फाउंडेशन की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्वास्थ्य अभियान का दोनों गांवों के लगभग 50 लोगों ने सीधा लाभ उठाया।
गांव नानकपुरा: यहां कुल 15 मरीजों के स्वास्थ्य का बारीक परीक्षण कर उन्हें निशुल्क दवाइयां दी गईं, जबकि गंभीर जांच के लिए 6 लोगों के लैब टेस्ट मौके पर ही किए गए।
चुनियां फार्म: इस ढाणी/फार्म क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ाते हुए 24 जरूरतमंदों को दवाइयां बांटी गईं और 3 मरीजों के आवश्यक लैब टेस्ट सुनिश्चित किए गए।
जांच के साथ-साथ डॉ. पूर्ण मल ने ग्रामीणों को बदलते मौसम में खान-पान और स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए समय पर रूटीन चेकअप कराने की सलाह दी।
जिंदल हाउस में कल दिव्यांगों का जमावड़ा; यशस्वी छात्रवृत्ति पर भी चर्चा
इस बीच, कुरुक्षेत्र स्थित सांसद कार्यालय के प्रभारी धर्मवीर सिंह ने एक बेहद महत्वपूर्ण आगामी कार्यक्रम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बुधवार, 17 जून को मोहन नगर स्थित सांसद कार्यालय 'जिंदल हाउस' में दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए एक विशेष शिविर का खाका तैयार किया गया है।
इस शिविर का मकसद कुरुक्षेत्र और आसपास के पात्र दिव्यांगों को उनकी शारीरिक आवश्यकता के अनुसार कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, बैसाखी या अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराना है। धर्मवीर सिंह ने स्पष्ट किया कि कल होने वाले शिविर में मुख्य रूप से दिव्यांगों का डेटाबेस तैयार करने के लिए रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और उपकरणों की सटीक फिटिंग के लिए उनके साइज (माप) लिए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में फाउंडेशन की बड़ी पहल 'नवीन जिंदल यशस्वी छात्रवृत्ति योजना' पर भी प्रकाश डाला। प्रभारी ने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी मेधावी बच्चे की पढ़ाई नहीं छूटनी चाहिए। जरूरतमंद और होनहार छात्र इस छात्रवृत्ति का लाभ उठाकर उच्च शिक्षा के अपने सपनों को नई उड़ान दे सकते हैं। फाउंडेशन की इस चौतरफा सामाजिक पहल की ग्रामीण अंचलों में काफी सराहना हो रही है।