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बुध का नक्षत्र परिवर्तन: 22 अप्रैल से इन 3 राशियों की लगेगी लॉटरी, नीच भंग राजयोग का दिखेगा कमाल

Apr 16, 2026 5:17 PM

ज्योतिष।  ग्रहों की बदलती चाल और नक्षत्रों का फेरबदल मानव जीवन पर गहरा असर डालता है। इसी कड़ी में बुद्धि, विवेक और व्यापार के कारक ग्रह बुध 22 अप्रैल को अपने ही नक्षत्र 'रेवती' में प्रवेश करने जा रहे हैं। हालांकि, बुध वर्तमान में अपनी नीच राशि मीन में गोचर कर रहे हैं, लेकिन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति की स्थिति के चलते एक अत्यंत शुभ 'नीच भंग राजयोग' का निर्माण हो रहा है।

अश्विनी नक्षत्र में प्रवेश करने से पहले, 30 अप्रैल तक बुध का यह गोचर कुछ खास राशि के जातकों के लिए 'गोल्डन पीरियड' साबित हो सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं है:

वृषभ राशि: इनकम में उछाल और लक्ष्यों की प्राप्ति

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध का यह परिवर्तन 11वें भाव यानी लाभ भाव में होने जा रहा है। नीच भंग राजयोग के प्रभाव से पिछले कई महीनों से चली आ रही आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानियां अब काफूर हो जाएंगी। अगर आप लंबे समय से प्रमोशन या सैलरी इंक्रीमेंट का इंतजार कर रहे थे, तो अब आपकी मुराद पूरी हो सकती है। मित्रों और सहयोगियों का भरपूर साथ मिलेगा और आपकी मेहनत का फल मीठा होगा। संतान पक्ष से भी शिक्षा के क्षेत्र में कोई खुशखबरी मिल सकती है।

कर्क राशि: भाग्य का उदय और विदेश यात्रा के योग

कर्क राशि वालों के लिए बुध का गोचर किस्मत के दरवाजे खोलने वाला है। नीच भंग राजयोग आपके भाग्य स्थान को सक्रिय करेगा, जिससे अटके हुए काम गति पकड़ेंगे। जो छात्र उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने का सपना देख रहे हैं, उनके लिए यह समय बेहद अनुकूल है। आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी महसूस होगी और आप साहस के साथ बड़े फैसले ले पाएंगे। करियर के लिहाज से विदेशी संस्थानों या मल्टीनेशनल कंपनियों से जुड़ने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

कुंभ राशि: विवादों का अंत और धन की वर्षा

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे भाव यानी धन भाव में विराजमान रहेंगे। पारिवारिक जीवन में चल रहे मनमुटाव और वाद-विवाद अब सुलझने की कगार पर हैं। बुध के प्रभाव से आपकी वाणी में मधुरता आएगी, जिससे आप बिगड़े हुए काम बना लेंगे। अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगेगी और संचित धन (Savings) में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यशैली की सराहना होगी और जीवन में सुख-समृद्धि का संचार होगा।

क्या होता है नीच भंग राजयोग?

ज्योतिषीय नजरिए से जब कोई ग्रह अपनी नीच राशि में होता है लेकिन उस राशि का स्वामी या उसमें उच्च होने वाला ग्रह केंद्र में हो, तो 'नीच भंग राजयोग' बनता है। यह योग जातक को विपरीत परिस्थितियों से निकालकर फर्श से अर्श तक ले जाने की क्षमता रखता है। बुध के इस गोचर के दौरान शिक्षा, लेखन, बैंकिंग और परामर्श से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिलने की उम्मीद है।

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