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सोनीपत में दर्दनाक हादसा: फसल बचाने की कोशिश में जिंदा जला बुजुर्ग किसान

Apr 16, 2026 5:43 PM

सोनीपत। गर्मी की दस्तक और गेहूं की कटाई के सीजन के बीच हरियाणा के खेतों से कलेजा चीर देने वाली खबर सामने आई है। सोनीपत के गांव ककरोई में एक बुजुर्ग किसान अपनी लहलहाती फसल को आग की भेंट चढ़ने से बचाने की कोशिश में खुद काल के गाल में समा गया। बुधवार को हुई इस हृदयविदारक घटना में 65 वर्षीय उमेद सिंह की आग में झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई।

आंखों के सामने जलती देख नहीं पाए मेहनत

जानकारी के मुताबिक, उमेद सिंह बुधवार को अपने खेतों की तरफ गए थे। उन्होंने देखा कि पड़ोस के खेत में गेहूं की कटाई के बाद बचे अवशेषों (फानों) में आग लगी हुई है। पछुआ हवाओं के चलते आग तेजी से उमेद सिंह के उस खेत की तरफ बढ़ रही थी, जहां अभी फसल खड़ी थी। अपनी पूरी साल की मेहनत को खाक होते देख उमेद सिंह खुद ही आग बुझाने में जुट गए।

हवा के झोंके ने बनाया 'ट्रैप'

प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो उमेद सिंह अकेले ही आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अचानक हवा का रुख बदला और आग ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। जब तक आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, तब तक उमेद सिंह आग के घेरे में बुरी तरह फंस चुके थे। चंद मिनटों के भीतर ही आग की विकराल लपटों ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पाकर खरखौदा से दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

गांव में पसरा सन्नाटा

उमेद सिंह अपने पीछे दो शादीशुदा बेटियां और परिवार छोड़ गए हैं। गांव वालों ने बताया कि उमेद एक मेहनती और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। उनकी इस तरह अचानक और दर्दनाक मौत से ककरोई गांव का हर चूल्हा उदास है। परिजनों ने इस मामले में कोई पुलिसिया कार्रवाई न करते हुए गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया।

खेतों में बढ़ती आग की घटनाएं बनीं चुनौती

यह घटना उन किसानों के लिए एक चेतावनी भी है जो कटाई के बाद अवशेषों में आग लगा देते हैं। प्रशासन की बार-बार अपील के बावजूद खेतों में आग लगाने का सिलसिला थम नहीं रहा है, जिसका खामियाजा अब इंसानी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। सदर थाना पुलिस ने मामले की जानकारी ली है, लेकिन परिजनों के आग्रह पर कोई केस दर्ज नहीं किया गया है।

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