जासूसी की आरोपी यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा का अब सुप्रीम कोर्ट में दांव, हाईकोर्ट से नहीं मिली थी बेल
May 09, 2026 2:44 PM
हिसार। हनीट्रैप और जासूसी के आरोपों में घिरी हिसार की चर्चित यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। करीब एक साल से हिसार जेल की चारदीवारी के पीछे दिन काट रही ज्योति ने अब अपनी रिहाई के लिए दिल्ली का रुख करने की तैयारी कर ली है। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब उनके वकील सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल करने जा रहे हैं। ज्योति पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों से संपर्क साधा और देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा कीं।
'ऑपरेशन सिंदूर' और जासूसी का वो सनसनीखेज खुलासा
ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी महज एक इत्तेफाक नहीं थी, बल्कि यह भारतीय खुफिया एजेंसियों के एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा थी। 'ऑपरेशन सिंदूर' के नाम से चलाए गए इस मिशन के दौरान महज 11 दिनों के भीतर हरियाणा और पंजाब से कुल 7 संदिग्ध जासूसों को गिरफ्तार किया गया था। इन सभी गिरफ्तारियों में ज्योति का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा, क्योंकि वह एक सक्रिय यूट्यूबर थी और उसकी सोशल मीडिया पर अच्छी खासी पहुंच थी। जांच एजेंसियों का दावा था कि पाकिस्तानी हैंडलर्स ने बड़ी ही चालाकी से उसे अपने जाल में फंसाया था।
कानूनी पेच: जब हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
कानूनी गलियारों में ज्योति मल्होत्रा का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। इससे पहले निचली अदालत और फिर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में उनकी जमानत याचिकाएं सिरे से खारिज कर दी गई थीं। अदालत ने मामले की गंभीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के पहलुओं को देखते हुए उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, ज्योति के खेमे को उम्मीद इस बात से मिली है कि इसी ऑपरेशन के तहत पकड़े गए दो अन्य युवकों को जमानत मिल चुकी है। अब देखना यह होगा कि क्या सुप्रीम कोर्ट ज्योति की दलीलों पर विचार करता है या उनकी मुश्किलें और बढ़ेंगी।
सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर अन्य संदिग्ध
ज्योति मल्होत्रा का मामला सामने आने के बाद हरियाणा और पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। पिछले कुछ समय में जिस तरह से आम युवाओं को पैसे या हनीट्रैप के जाल में फंसाकर जासूसी कराई जा रही है, उसने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। ज्योति करीब एक साल से जेल में हैं और उनके परिजनों को उम्मीद है कि सर्वोच्च न्यायालय से उन्हें न्याय मिलेगा। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल केस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।