झज्जर हत्याकांड: विवाहिता की हत्या करने वाले पति को उम्रकैद, अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला।
May 10, 2026 11:47 AM
झज्जर। करीब चार साल पहले गांव गांधरा में हुई विवाहिता रिंकू की संदिग्ध मौत के मामले में आखिरकार न्याय की जीत हुई है। रोहतक की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार दुग्गल की अदालत ने रिंकू के पति सुरेंद्र को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले में सुरेंद्र के अलावा दो अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग धाराओं के तहत दोषी मानते हुए सजा का ऐलान किया।
दहेज की बलि चढ़ी थी मासूम की जान
झज्जर के गांव रेवाड़ी खेड़ा निवासी हरबीर सिंह की बहन रिंकू की शादी 14 जुलाई 2013 को गांधरा निवासी सुरेंद्र के साथ हुई थी। परिजनों का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष की ओर से रिंकू को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा था। सुरेंद्र और उसके पिता केहर सिंह पर बार-बार उसे तंग करने के आरोप लगे। 26 फरवरी 2022 को इस प्रताड़ना का अंत एक खौफनाक वारदात के साथ हुआ।
करंट का बहाना और शरीर पर चोट के निशान
वारदात के दिन आरोपी ससुर ने रिंकू के मायके फोन कर बताया कि उसे करंट लग गया है। जब हरबीर और उसका परिवार गांव गांधरा पहुंचा, तो वहां का नजारा कुछ और ही कहानी बयां कर रहा था। रिंकू का शव जमीन पर पड़ा था और उसके शरीर पर चोटों के गहरे निशान थे। मायका पक्ष ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और आरोप लगाया कि करंट लगने की बात महज एक बहाना है, रिंकू की हत्या पीट-पीटकर की गई है।
साक्ष्यों और गवाहों ने खोली पोल
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसके बाद यह केस स्थानीय न्यायालय में चला। लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने ठोस सबूत और गवाह पेश किए, जिन्होंने सुरेंद्र के जुर्म पर मुहर लगा दी। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि रिंकू की मौत प्राकृतिक नहीं थी और उसका पति ही इस जघन्य अपराध का मुख्य सूत्रधार था। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है और इसे सच्चाई की जीत बताया है।