जींद नागरिक अस्पताल में विजिलेंस की बड़ी रेड: सीएमओ ऑफिस का ड्राइवर ₹44,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
Jun 12, 2026 2:20 PM
जींद। जींद के सरकारी अस्पताल परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एंटी करप्शन ब्यूरो (विजिलेंस) की टीम ने अचानक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में दस्तक दी। टीम ने यहां तैनात एक सरकारी गाड़ी के चालक को ₹44,000 की रिश्वत की गड्डी के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पकड़ा गया आरोपी जगदीश, गांव फूलिया खुर्द का रहने वाला है और सीएमओ दफ्तर में अपनी धौंस जमाकर फाइलों को इधर से उधर करवाने के नाम पर अवैध वसूली का खेल चला रहा था।
दिव्यांग प्रमाण पत्र के नाम पर मजबूरी का फायदा उठाने की कोशिश
इस पूरे मामले का भंडाफोड़ फूलिया खुर्द गांव के ही रहने वाले सोनू पुत्र सूर्या राम की शिकायत पर हुआ। सोनू को अपना हैंडीकैप (दिव्यांग) सर्टिफिकेट सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करवाना था, ताकि उसे नियमानुसार मिलने वाली सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके। आरोप है कि जब वह इस काम के लिए दफ्तर पहुंचा, तो ड्राइवर जगदीश ने काम अटकाने का डर दिखाकर उससे ₹44,000 की मोटी रकम की मांग कर डाली। एक मजबूर दिव्यांग से इस तरह की खुली उगाही ने पीड़ित को परेशान कर दिया, जिसके बाद उसने घुटने टेकने के बजाय सीधे कानून का दरवाजा खटखटाया।
सिरसा एसीबी ने बिछाया जाल, कैमिकल लगे नोटों के साथ पकड़ा गया आरोपी
सोनू की शिकायत मिलते ही सिरसा विजिलेंस यूनिट हरकत में आई। इंस्पेक्टर सुरेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने आरोपी को दबोचने के लिए बकायदा जाल बिछाया। तय रणनीति के मुताबिक, शिकायतकर्ता सोनू कैमिकल लगे हुए ₹44,000 लेकर नागरिक अस्पताल में जगदीश के पास पहुंचा। जैसे ही आरोपी जगदीश ने रिश्वत की वह रकम थामी और अपनी जेब में रखी, पहले से ही सादे कपड़ों में मुस्तैद विजिलेंस की टीम ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में जब आरोपी के हाथ धुलवाए गए, तो वे गुलाबी हो गए, जिससे मौके पर ही दूध का दूध और पानी का पानी हो गया।
पूछताछ जारी, महकमे में छिपे अन्य 'मगरमच्छों' पर भी नजर
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की टीम आरोपी जगदीश को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर ले गई है, जहां उससे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि एक साधारण ड्राइवर के हौसले इतने बुलंद कैसे थे कि वह सीधे सीएमओ दफ्तर से वसूली कर रहा था। पुलिस को शक है कि इस रैकेट के तार अस्पताल के कुछ बड़े बाबू और अधिकारियों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिनकी शह पर यह खेल चल रहा था। बहरहाल, इस कार्रवाई के बाद से जींद स्वास्थ्य विभाग के तमाम छोटे-बड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच हड़कंप का माहौल है और कई बाबू अपनी कुर्सियां छोड़कर गायब नजर आए।