कैथल साइबर ठगी: पिता का दोस्त बनकर छात्रा से लूटे 1.07 लाख, दो और आरोपी गिरफ्तार
May 09, 2026 12:05 PM
कैथल। हरियाणा के कैथल में एक छात्रा के साथ हुई सवा लाख रुपये के करीब की साइबर ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए नूंह और राजस्थान से दो और आरोपियों को दबोच लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान नूंह के गांव जयवंत निवासी सापी और राजस्थान के जिला डीग के गांव जुरहेरा निवासी जितेंद्र के रूप में हुई है। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन ने बताया कि आरोपी जितेंद्र को जेल भेज दिया गया है, जबकि सापी से गहन पूछताछ के लिए उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पिता का दोस्त बनकर बुना था जाल
ठगी की यह वारदात 26 अप्रैल को शुरू हुई थी। देवीगढ़ रोड कैथल की रहने वाली सिमरन के पास एक अज्ञात कॉल आई, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को उसके पिता परमजीत का दोस्त मनोज बताया। आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से छात्रा का भरोसा जीता और दावा किया कि उसके पिता ने उसे 90 हजार रुपये भेजने को कहा है। छात्रा को जरा भी अंदेशा नहीं था कि फोन की दूसरी तरफ कोई पारिवारिक मित्र नहीं बल्कि एक पेशेवर साइबर अपराधी बैठा है।
फर्जी मैसेज से ऐसे किया गुमराह
आरोपियों ने छात्रा को ठगने के लिए तकनीक और मनोविज्ञान का सहारा लिया। सिमरन ने जब गूगल पे से पैसे भेजने को कहा, तो आरोपी ने 10 रुपये, 10 हजार और 20 हजार रुपये के फर्जी ट्रांजेक्शन मैसेज उसके मोबाइल पर भेज दिए। इसके बाद आरोपी ने नाटक किया कि गलती से ज्यादा पैसे चले गए हैं और 'रिफंड' के नाम पर छात्रा से पैसे वापस मांगे। भरोसे में आकर सिमरन ने पहले 12,800 रुपये भेज दिए, लेकिन ठगों की भूख यहीं शांत नहीं हुई।
मां के खाते से भी उड़वा लिए पैसे
जब सिमरन के खाते से ट्रांजैक्शन रुक गया, तो ठगों ने 'आयुष्मान शिवहरे' के नाम वाले व्हाट्सएप से क्यूआर कोड भेजा। छात्रा इस कदर झांसे में थी कि उसने अपने खाते से 27 हजार और अपनी मां के खाते से 48 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद एक और क्यूआर कोड के जरिए 20 हजार रुपये और ऐंठ लिए गए। कुल मिलाकर 1,07,800 रुपये गंवाने के बाद जब छात्रा ने बैलेंस चेक किया, तब उसे एहसास हुआ कि कोई पैसा आया ही नहीं था, बल्कि सिर्फ फर्जी मैसेज भेजे गए थे।
मेवात के जंगलों से जुड़े थे तार
कैथल साइबर पुलिस इस मामले में पहले ही मेवात के जंगलों से मोहम्मद मकसूद और नसीम को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह है जो भोले-भाले लोगों को अपना निशाना बनाता है। पुलिस अब रिमांड पर लिए गए आरोपी सापी से गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की गई राशि की बरामदगी को लेकर पूछताछ कर रही है।