Punjab News: संजीव अरोड़ा पर ED की छापेमारी, चंडीगढ़-गुरुग्राम ठिकानों पर ईडी की कार्यवाही जारी, सीएम बोले-एजेंसियों के दुरुपयोग
May 09, 2026 12:20 PM
चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़, दिल्ली और गुरुग्राम स्थित ठिकानों पर छापेमारी की है। शनिवार सुबह चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित सरकारी आवास पर ED की कई टीमें एक साथ पहुंचीं। कार्रवाई के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और परिसर में किसी के आने-जाने पर रोक लगा दी गई। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई फर्जी GST खरीद, मनी लॉन्ड्रिंग और कथित विदेशी फंड राउंड-ट्रिपिंग मामले में की जा रही है।
ED अधिकारियों के अनुसार संजीव अरोड़ा से जुड़े चार ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इनमें चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास के अलावा गुरुग्राम और दिल्ली में मौजूद कारोबारी परिसरों को भी शामिल किया गया। जांच एजेंसी ने हैंपटन स्काई रियलिटी लिमिटेड के कार्यालय में भी दस्तावेजों की जांच की। चंडीगढ़ के सेक्टर-2 इलाके में सुबह से भारी सुरक्षा व्यवस्था देखी गई और CRPF जवानों को तैनात किया गया। ED सूत्रों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान वित्तीय दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और कंपनियों से जुड़े लेन-देन की जानकारी जुटाई गई। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी का संबंध पहले से दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग जांच से है। एजेंसी अब बैंकिंग ट्रांजैक्शन और कंपनियों के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
100 करोड़ की फर्जी GST खरीद का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि संजीव अरोड़ा से जुड़ी कंपनियों ने 100 करोड़ रुपए से अधिक की फर्जी GST खरीद दिखाई। ED के मुताबिक, दिल्ली की कई गैर-मौजूद कंपनियों से फर्जी खरीद बिल हासिल किए गए। इन बिलों का इस्तेमाल इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), GST रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक हासिल करने के लिए किया गया। जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि मोबाइल फोन और अन्य सामानों के एक्सपोर्ट का इस्तेमाल दुबई से भारत में धन की कथित राउंड-ट्रिपिंग के लिए किया गया। एजेंसी के अनुसार इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा और अवैध तरीके से वित्तीय लाभ हासिल किया गया। हालांकि संजीव अरोड़ा या उनकी टीम की तरफ से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
पिछले महीने भी हुई थी दबिश
करीब 20 दिन पहले भी ED ने लुधियाना और जालंधर में संजीव अरोड़ा और उनके दो कारोबारी सहयोगियों के ठिकानों पर कार्रवाई की थी। उस समय जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि मंत्री के राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कथित अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क को संरक्षण देने में किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या सट्टेबाजी से जुड़े बेहिसाब धन को कंपनियों और एंट्री ऑपरेटरों के जरिए वैध निवेश में बदला गया। एजेंसी ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से फंड की कथित राउंड-ट्रिपिंग और फर्जी निर्यात बिलिंग की भी जांच शुरू की थी।
भगवंत मान ने भाजपा पर साधा निशाना
ED की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगरूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब को डराया नहीं जा सकता और केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। मान ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और कारोबारियों को भाजपा में शामिल होने के लिए दबाव में लाया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ED का मकसद काले धन को पकड़ना नहीं बल्कि राजनीतिक दल बदल करवाना है। उन्होंने दावा किया कि हाल के महीनों में कई नेताओं और कारोबारियों पर कार्रवाई के बाद उन्हें भाजपा में शामिल कराया गया। मान ने यह भी कहा कि पंजाब की राजनीति में डराने-धमकाने की रणनीति सफल नहीं होगी।
संजय सिंह बोले- ED बनी राजनीतिक हथियार
AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी कार्रवाई को लेकर भाजपा और ED पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया और प्रेस बयान में ED को भाजपा का “सुपारी किलर” बताया। संजय सिंह ने कहा कि कुछ दिनों तक छापेमारी और आरोपों का माहौल बनाया जाएगा और फिर नया राजनीतिक लक्ष्य तय किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की भगवंत मान सरकार को बदनाम करने और सरकारी कामकाज बाधित करने के लिए एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। AAP नेताओं ने कहा कि पार्टी कानूनी और राजनीतिक स्तर पर कार्रवाई का जवाब देगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने बयान में कृषि कानून आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजाब ने केंद्र सरकार को कृषि कानून वापस लेने के लिए मजबूर किया था और उसी का राजनीतिक असर अब भी दिखाई दे रहा है। मान ने भाजपा पर पंजाब से जुड़े मुद्दों को लेकर भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी, भाखड़ा डैम और धान खरीद जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब गुरुओं की धरती है और यहां नफरत की राजनीति नहीं चलेगी। भाजपा नेताओं की तरफ से मुख्यमंत्री के आरोपों पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।